ओके.... शीघ्र बंद हो री-एडमिशन::::::::वार्ता

Published at :16 Apr 2015 9:04 PM (IST)
विज्ञापन
ओके.... शीघ्र बंद हो री-एडमिशन::::::::वार्ता

फोटो : 16 जाम 13,14,15,16,17,18नगर प्रतिनिधि, जामताड़ारी-एडमिशन को लेकर अभिभावकों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. झारखंड सरकार के आदेश के बावजूद भी स्कूल प्रबंधन ने इसे बंद नहीं किया है न ही जिला प्रशासन इस ओर ठोस कदम उठा पायी है. इसे लेकर अभिभावक अब आंदोलन का मन बना रहे हैं.आक्रोशित […]

विज्ञापन

फोटो : 16 जाम 13,14,15,16,17,18नगर प्रतिनिधि, जामताड़ारी-एडमिशन को लेकर अभिभावकों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. झारखंड सरकार के आदेश के बावजूद भी स्कूल प्रबंधन ने इसे बंद नहीं किया है न ही जिला प्रशासन इस ओर ठोस कदम उठा पायी है. इसे लेकर अभिभावक अब आंदोलन का मन बना रहे हैं.आक्रोशित अभिभावकों ने कहा:शीघ्र ही री-एडमिशन को बंद नहीं किया गया तो हम लोग स्कूल के समक्ष धरना पर बैठने को विवश होंगे. स्कूल की मनमानी के खिलाफ उपायुक्त से मिलेंगे. सरकार ने सभी उपायुक्तों को इसे बंद कराने का निर्देश दिया है. इस पर शीघ्र पहल होनी चाहिए.-पवन महेश्वरी, अभिभावक. स्कूल प्रबंधन का ये मनमाना रवैया गलत है. इसका जबाव देने का समय आ चुका है. आखिर कब तक हमलोग स्कूल प्रबंधन के इशारे पर नाचेंगे.-मनोज पाठक, अभिभावकअंगरेजों का तानाशाह रवैया नहीं चला तो ये स्कूल प्रबंधन का क्या चलेगा. हमलोग शांति में विश्वास रखते हैं. अगर हम लोग अशांत हो गये तो इसका हर्जाना स्कूल प्रबंधन को भुगतना पड़ेगा. -गणेश मंडल झारखंड सरकार के आदेश के बावजूद री-एडमिशन को नहीं रोका गया है. जिला प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए बंद करने का निर्देश देना चाहिए.-मनोज सिंह.अभिभावकों पर इस प्रकार का बोझ डालना सही नहीं है. स्कूल प्रबंधन को सिर्फ ट्यूशन और बस भाड़ा ही लेना चाहिए. अगर वो ऐसा नहीं करता है तो कानून अपराध है.-राकेश रंजन.स्कूल प्रबंधन का इतना मन बढ़ गया है कि वो सरकार का आदेश भी नहीं मान रहे हैं. इससे साफ जाहिर होता है कि ये लोग अपनी मनमानी नहीं बंद करेंगे. अब इन लोगों को हम अभिभावक ही अपने तरीके से समझाने का काम करेंगे.-डा अब्दुल मनान अंसरी

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola