000 सुप्रीम कोर्ट से साकची सत्यनारायण ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट को राहत, तोड़फोड़ पर रोक
Updated at : 16 Mar 2026 10:13 PM (IST)
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जमशेदपुर (फाइल फोटो)
जमशेदपुर सुप्रीम कोर्ट ने साकची सत्यनारायण ठाकुर बाड़ी ट्रस्ट कमेटी बनाम झारखंड राज्य मामले में सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता ट्रस्ट को चार सप्ताह के भीतर शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है.
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वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
सुप्रीम कोर्ट ने साकची सत्यनारायण ठाकुर बाड़ी ट्रस्ट कमेटी बनाम झारखंड राज्य मामले में सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता ट्रस्ट को चार सप्ताह के भीतर शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ ने अगली सुनवाई तक संरचना को तोड़ने पर रोक (स्टे) लगा दी है. सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने ट्रस्ट के दावों को सिरे से खारिज करते हुए जमीन के मालिकाना हक पर बड़े सवाल खड़े किये.सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव, ऋषव रंजन और ने पैरवी की. उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता ट्रस्ट उक्त कीमती जमीन पर खुद को मालिक बता रहा है. जबकि रिकॉर्ड के अनुसार वह जमीन राधा कृष्ण ठाकुर की है. कोर्ट को बताया गया कि उक्त जमीन को न तो कभी किसी ने याचिकाकर्ता (ट्रस्ट) को बेचा है और न ही ट्रस्ट के पास उसे किसी अन्य को बेचने या हस्तांतरित करने का कोई कानूनी अधिकार है.
अधिवक्ताओं ने ऐतिहासिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि यह मंदिर 1904 से अस्तित्व में है. 1976 में पटना उच्च न्यायालय ने भी इसे सार्वजनिक मंदिर करार दिया था. जिससे व्यक्तिगत मालिकाना हक का दावा स्वतः कमजोर हो जाता है. प्रतिवादी पक्ष ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि 11 दिसंबर 2023 को झारखंड उच्च न्यायालय ने ट्रस्ट को अवैध पाते हुए बैंक खातों को जब्त करने का आदेश दिया था. जिसे ट्रस्ट ने अपनी विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी ) में छुपाया. इन गंभीर तथ्यों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष को भी हलफनामा दायर कर तमाम दस्तावेज रिकॉर्ड पर लाने का निर्देश दिया है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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