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505 करोड़ की बिरसानगर पीएम आवास योजना का हाल, 10 ब्लॉक के प्रथम तल में घुसा पानी

Updated at : 27 Jun 2025 6:05 AM (IST)
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PM Awas Yojana Birsa Nagar Jamshedpur

जमशेदपुर के बिरसा नगर में बन रहा पीएम आवास. फोटो : प्रभात खबर

PM Awas Yojana Birsa Nagar Jamshedpur: पहले प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक-3 के तहत बिरसानगर में बन रही किफायती आवास परियोजना जी प्लस 8 संरचना के अनुरूप 32 ब्लॉक में कुल 9592 आवासों का निर्माण किया जाना था. उस समय योजना की लागत राशि 653 करोड़ थी, लेकिन अतिक्रमण की वजह से 7372 आवास का निर्माण कार्य शुरू किया गया. यानी 2220 आवासों का निर्माण अभी शुरू नहीं किया गया है. इसका कारण प्रस्तावित स्थल पर अतिक्रमण होना है.

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PM Awas Yojana Birsa Nagar Jamshedpur| जमशेदपुर, अशोक झा : सरकारी राशि का दुरुपयोग कैसे होता है, देखना है तो बिरसानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे मकानों की स्थिति देखकर अनुमान लगा सकते हैं. निर्माण कार्य के दौरान बरती गयी लापरवाही की पोल बारिश में खुलने लगी है. प्रधानमंत्री आवास योजना के 10 ब्लॉक के प्रथम तल तक में पानी घुसने का मामला प्रकाश में आया है. लाभुकों के गृह प्रवेश से पहले ही प्रथम तल में पानी घुसने से निर्माण की गुणवत्ता और योजना पर सवाल खड़े हो गये हैं. 505 करोड़ रुपए की लागत से बिरसानगर में बन रहे प्रधानमंत्री आवास की नोडल एजेंसी झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (जुडको) है. जो जी प्लस-8 संरचना के अनुरूप 48 एकड़ जमीन में 7,272 आवासों का निर्माण करा रही है.

गड्ढे में भवन निर्माण किये जाने से हुई समस्या

भवन निर्माण के लिए योजना बनाते समय जमीन की उचित जांच नहीं होने, जल निकासी, ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था अब तक नहीं होने, भवन का निर्माण 10 से 15 फीट नीचे गड्ढे में होने की वजह से बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो गयी है. अब आनन-फानन में मोटर लगाकर पानी निकाला जा रहा है. एक फ्लोर पर 36 फ्लैट हैं.

निर्माणाधीन अपार्टमेंट की सीढ़ियों पर भरा पानी. फोटो : प्रभात खबर

अतिक्रमण की वजह से 2220 आवासों का निर्माण लटका

पहले प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक-3 के तहत बिरसानगर में बन रही किफायती आवास परियोजना जी प्लस 8 संरचना के अनुरूप 32 ब्लॉक में कुल 9592 आवासों का निर्माण किया जाना था. उस समय योजना की लागत राशि 653 करोड़ थी, लेकिन अतिक्रमण की वजह से 7372 आवास का निर्माण कार्य शुरू किया गया. यानी 2220 आवासों का निर्माण अभी शुरू नहीं किया गया है. इसका कारण प्रस्तावित स्थल पर अतिक्रमण होना है.

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एक साल से लटका है मूलभूत सुविधाओं का प्रस्ताव

बिरसानगर प्रधानमंत्री आवास योजना में रोड लाइट, ड्रेन, गार्डवाल, सब-स्टेशन, बाउंड्रीवाल और सीवर नेटवर्क की योजना को अब तक जोड़ा नहीं गया. बाद में 60 करोड़ का अलग से प्रस्ताव तैयार किया गया, लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी मंजूरी नहीं मिली है. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए राशि मांगी है, लेकिन राशि जमा नहीं होने से विभाग ने अभी तक कार्य शुरू नहीं किया है.

ब्लॉक 4, 5, 6, 8, 9, 10 की स्थिति सबसे खराब

बिरसानगर में बन रहे ब्लॉक नंबर 4, 5, 6, 8, 9 और 10 की स्थिति सबसे अधिक खराब है. ब्लॉक 8 का 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है. आगे और पीछे दोनों तरफ से इस बिल्डिंग में पानी प्रवेश कर गया है. बाकी भवनों की भी स्थिति कुछ ऐसी ही है. अपार्टमेंट सड़क से लगभग 7 से 10 फीट नीचे बना है. ब्लॉक नंबर 4, 5 और 6 वर्तमान सड़क से 10 फीट से ज्यादा नीचे बन रहा है. जमीन ढलान पर होने से पूरा पानी घर में घुस जा रहा है.

अपार्टमेंट का हाल. फोटो : प्रभात खबर

लाभुकों को करना है 4 लाख 31 हजार रुपए का भुगतान

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रति फ्लैट की लागत 6.81 लाख रुपए है. इसमें प्रति फ्लैट केंद्र सरकार का अंशदान 1 लाख 5 हजार और राज्य सरकार का अंशदान एक लाख रुपए है. लाभुकों को केवल 4 लाख 31 हजार रुपये का भुगतान करना है.

परियोजना एक नजर में

  • परियोजना स्थल : बिरसानगर
  • परियोजना का क्षेत्र : 48 एकड़
  • कुल फ्लैट की संख्या : 9592
  • कितने फ्लैट का हो रहा निर्माण : 7372
  • प्रति फ्लैट की लागत : 6.81 लाख
  • प्रति फ्लैट केंद्र सरकार का अंशदान : 1.5 लाख रुपए
  • प्रति फ्लैट राज्य सरकार का अंशदान : 1 लाख रुपए
  • प्रति फ्लैट लाभुक का अंशदान : 4.31 लाख रुपए
  • प्रति फ्लैट कारपेट एरिया : 313 वर्ग फीट
  • भवन का निर्माण : जी प्लस 8 संरचना

फ्लैट का आंतरिक विवरण

  • एक लिविंग रूम
  • एक बेडरूम
  • एक रसोई घर
  • एक शौचालय
  • एक बाथरूम
  • एक बालकनी

आवासीय परिसर में सुविधाएं

  • जलापूर्ति
  • सड़क
  • नाली
  • सीवरेज और ड्रेनेज
  • स्ट्रीट लाइट
  • तार से बाउंड्री की घेराबंदी
  • मुख्य द्वार
  • पार्किंग
  • पार्क
  • ग्रीन एरिया

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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