झारखंड स्टेट मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप: खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, जानें कौन किस इवेंट में बना चैंपियन

Published by :Sameer Oraon
Published at :08 Dec 2024 9:47 PM (IST)
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चैंपियनशिप में हिस्सा लेते खिलाड़ी

चैंपियनशिप में हिस्सा लेते खिलाड़ी

जमशेदपुर में फोर्थ झारखंड स्टेट मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन किया गया. इस इवेंट्स में एक हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. चैंपियनशिप की थीम खेलो और स्वस्थ रहो था.

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जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में रविवार को द ग्रेट झारखंड रन एंड फोर्थ झारखंड स्टेट मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन हुआ. इसमें प्रदेश के 17 जिलों के करीब एक हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. इसमें 12 से 85 वर्ष तक के एज ग्रुप में विभिन्न एथलेटिक्स इवेंट हुए, जिसमें हर एज ग्रुप के खिलाड़ियों ने दम-खम दिखाया. खासकर 50 वर्ष से अधिक उम्र के खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था. जोश ऐसा कि नौजवान खिलाड़ी भी मुकाबला करने से कतराए. इस चैंपियनशिप की थीम थी- खेलो और स्वस्थ रहो, जिसके जरिये यह मुहिम भी चलायी गयी कि खेलेंगे, तो बीमारियों से दूर रहेंगे. इस रन ने लोगों में खेलों को लेकर नयी ऊर्जा का संचार किया.

हर इवेंट में हुआ तगड़ा मुकाबला

सुबह साढ़े पांच बजे रनिंग इवेंट रोड रेस से जमशेदपुर के जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स चैंपियनशिप का आगाज हुआ. इसके साथ जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में शाम तक विभिन्न एथलेटिक्स इवेंट होते रहे. इसमें 100 मीटर फर्राटा दौड़, 400 मीटर दौड़ शामिल थी. 800 मीटर दौड़ को ओपन रखा गया था, जिसमें हर उम्र के खिलाड़ी भाग ले सकते थे. इसके अतिरिक्त गोला फेंक, भाला फेंक, चक्का फेंक, लंबी कूद और ट्रिपल जंप जैसे इवेंट हुए. महिला खिलाड़ियों ने 100 मीटर फर्राटा दौड़ के अलावा 200 मीटर दौड़, लंबी कूद, गोला फेंक, चक्का फेंक और भाला फेंक में हिस्सा लिया. हर इवेंट में खिलाड़ियों के बीच तगड़ा मुकाबला देखने को मिला. परिणाम जो भी आया हो, कोई किसी से कम नहीं दिख रहा था.

प्रमाणपत्र व मेडल से हुआ सम्मान

मुख्य अतिथि इंजीनियरिंग रिटेल बीपीसीएल रांची टैरोटरीज के मैनेजर मोहिंदर नाथ ने सभी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया. इस दौरान मास्टर एथलेटिक एसोसिएशन ऑफ झारखंड के अध्यक्ष विजय सिंह, सचिव एसके तोमर, आरके सिंह, गुरुमीत सिंह, राजकुमार सिंह, पंकज सिन्हा, पूरबी घोष व अन्य मौजूद रहे. अतिथियों ने प्रमाणपत्र और मेडल देकर खिलाड़ियों को सम्मानित किया.

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बच्चों जैसी थी जीतने की ललक

खिलाड़ियों का जोश तो देखते ही बन रहा था. 50-60 वर्ष की उम्र में जहां लोग रिटायर होकर घर में बैठना पसंद करते हैं, वहीं इस उम्र में हाफ पैंट औट टी-शर्ट पहने स्पाइक के साथ खिलाड़ी ट्रैक पर पसीने बहा रहे थे. इतना ही नहीं, इवेंट जीतने की बच्चों सी ललक उनमें दिखी. मास्टर एथलेटिक एसोसिएशन ऑफ झारखंड के सचिव एसके तोमर ने बताया कि इस टूर्नामेंट की थीम-खेलो और स्वस्थ रहो, रखा गया है. यह बीमारियों से दूर रहने की मुहिम भी है. इसलिए इसमें हर एज ग्रुप के खिलाड़ियों को शामिल किया गया है.

70 वर्षीय अचिंतो प्रमाणिक ने दौड़ में जीता स्वर्ण

गम्हरिया निवासी अंतरराष्ट्रीय एथलीट 70 वर्षीय अचिंतो प्रमाणिक ने 70 वर्ष से ऊपर के उम्र सीमा वर्ग में हिस्सा लिया. उन्होंने 100 मीटर फर्राटा, 400 मीटर और 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता. साथ ही तीन किलोमीटर रोड रेस में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में पुणे में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण जीता था. वे दस साल से नेशनल लेवल पर लगातार स्वर्ण और सिल्वर जीत रहे हैं. लेकिन, पैसे के अभाव में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग नहीं ले पाते. पिछले साल स्पांसर मिल गया था. इसलिए एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का मौका मिला, जहां 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 10 किलोमीटर में सिल्वर मेडल मिला. उन्होंने इच्छा जाहिर की कि स्पांसर मिले तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलेटिक्स इवेंट में हिस्सा लेना चाहेंगे.

63 वर्षीय लक्ष्मीधर पाकल ने 31.40 मीटर फेंका भाला

सरायकेला खरसावां के 63 वर्षीय लक्ष्मीधर पाकल ने भाला फेंक में प्रथम स्थान प्राप्त किया. उन्होंने 31.40 मीटर भाला फेंका. तीन किलोमीटर रेस में भी उन्हें स्वर्ण पदक मिला. ट्रिपल जंप में 8.16 मीटर कूद लाकर वे प्रथम स्थान पर रहे. यहीं से 66 वर्षीय दिलीप कुमार मोहंती ने तीन मीटर लंबी कूद लगाकर स्वर्ण पदक जीता. 400 मीटर दौड़ में भी उन्हें स्वर्ण पदक मिला. सरायकेला के डंबरूधर चंद को ने 50 वर्ष से अधिक उम्र कैटेगरी में हिस्सा लिया, जिसमें दो किलोमीटर रेस में स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे. उन्होंने पहली बार इस चैंपियनशिप में हिस्सा लिया.

कांस्टेबल रहते हुए लिया हिस्सा

बालेश्वर (ओडिशा) निवासी 50 वर्षीय बबीता पांडा ने सरायकेला खरसावां से इस इवेंट में हिस्सा लिया. उन्होंने दो किलाेमीटर रेस, 100 मीटर फर्राटा, लंबी कूद (3.54 मीटर) में स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने बताया के वे बालेश्वर में कांस्टेबल हैं. नौकरी के कारण खेलकूद छूट गया था. उन्होंने नौकरी रहते हुए वर्ष 2017 से खेलकूद फिर से शुरू किया. इसी वर्ष श्रीलंका में आयोजित टूर्नामेंट में 80 मीटर बाधा दौड़, 200 मीटर दौड़ और पांच किलोमीटर वॉकिंग में उन्हें स्वर्ण पदक मिला था.

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80 वर्षीय डॉ हरविलास ने जीता स्वर्ण

सीतारामडेरा निवासी 80 वर्षीय डॉ हरविलास दास ने 75 वर्ष से ऊपर उम्र सीमा वर्ग के गोला फेंक में स्वर्ण पदक जीता. भाला फेंक में उन्हें सिल्वर मिला. वे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित खेलों में हिस्सा लेते रहे हैं. आदित्यपुर निवासी 50 वर्षीय गुरुशरण सिंह ने 10.4 मीटर गोला फेंककर स्वर्ण पदक जीता. वे नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स में प्रदेश को रिप्रजेंट कर चुके हैं.

इन्होंने मारी बाजी

परिणाम भाला फेंक (पुरुष)

उम्र सीमा 30-34 वर्ष

प्रथम : मनिंदर सिंह

द्वितीय : जेनन सेवियन

तृतीय : रोहण कुमार सिंह

उम्र सीमा 35-39 वर्ष

प्रथम : बबलू हेंब्रम

द्वितीय : सेंडिल कुमार

तृतीय : कृष्ण कर्मा

उम्र सीमा 40-44 वर्ष

प्रथम : ए चंद्रा

द्वितीय : अजीत प्रसाद

उम्र सीमा 45-49 वर्ष

प्रथम : गुरजीत सिंह

द्वितीय : चरणजीत सिंह

उम्र सीमा 50-54 वर्ष

प्रथम : सुकुमार साहू

द्वितीय : विमलेश उपाध्याय

तृतीय : संजीव महतो

उम्र सीमा 55-59 वर्ष

प्रथम : अनूप कुमार नाग

उम्र सीमा 60-64 वर्ष

प्रथम : लक्ष्मीधर पाकज

उम्र सीमा 65-69 वर्ष

प्रथम : एसआइ बाबू
द्वितीय : सुशील कुमार पांडेय\
उम्र सीमा 70-74 वर्ष
प्रथम : ए सिंह
द्वितीय : विनीत गुड़िया
उम्र सीमा 75-79 वर्ष
प्रथम : जे सिंह
द्वितीय : डॉ हरबिलास दास
लंबी कूद (पुरुष)
उम्र सीमा 40-45 वर्ष
प्रथम : विश्वनाथ मिश्रा
द्वितीय : बलराम महतो
तृतीय : कुशल मंडी
उम्र सीमा 35-39 वर्ष
प्रथम : कृष्णा चरण हांसदा
द्वितीय : श्यामल लोहरा
तृतीय : सिदिव बिरुली
उम्र सीमा 30-34 वर्ष
प्रथम : मोहन हांसदा
द्वितीय : गोविंद बायोमा
तृतीय : मो मतीन अंसारी

100 मीटर फर्राटा दौड़ (महिला)
उम्र सीमा 35-39 वर्ष
प्रथम : विद्या रानी
द्वितीय : प्रतिमा कुमारी
तृतीय : अनु कुमारी
उम्र सीमा 40-44 वर्ष
प्रथम : माल्हो सोरेन
द्वितीय : उपासना सिंह
100 मीटर फर्राटा दौड़ (पुरुष)
उम्र सीमा 30-34 वर्ष
प्रथम : सुनील हेंब्रम
द्वितीय : बाबू लाल हांसदा
तृतीय : गोविंद बिरुआ
उम्र सीमा 35-39 वर्ष
प्रथम : प्रधान हांसदा
द्वितीय : सुनील कुमार
तृतीय : वेदांत सहगल
उम्र सीमा 40-44 वर्ष
प्रथम : आलम वारसी
द्वितीय : संजीव कुमार मल्ला
तृतीय : धरमराज कुमार माझी

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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