jamshedpur news : भालुओं की संख्या 45 के पार पहुंचने की उम्मीद, हाथियों की घटती संख्या बनी चिंता

Edited by AKHILESH KUMAR
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जमशेदपुर (फाइल फोटो)

वन विभाग ने पूरा किया वार्षिक पशुगणना का कार्य

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jamshedpur news : झारखंड के प्रसिद्ध दलमा वन्यजीव अभयारण्य में वार्षिक पशुगणना का कार्य पूरा हो गया है, जिसके प्रारंभिक आंकड़ों ने वन विभाग और प्रकृति प्रेमियों को नये उत्साह से भर दिया है. शुरुआती आकलन के मुताबिक, दलमा के जंगलों में पिछले तीन वर्षों से जारी छोटे और मध्यम वन्यजीवों की आबादी में बढ़ोतरी का ट्रेंड इस बार भी बरकरार है, जिसमें भालुओं का कुनबा बढ़कर 45 के पार जाने की उम्मीद है. हालांकि, इस सुखद खबर के बीच कभी दलमा की असली पहचान रहे हाथियों की लगातार घटती संख्या ने वन्यजीव विशेषज्ञों और वन अधिकारियों के सामने एक नयी चिंता खड़ी कर दी है. दलमा डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि पशु गणना का मैदानी काम पूरा हो चुका है और सभी बीटों से आने वाले आंकड़ों को संकलित किया जा रहा है. समग्र रिपोर्ट आने के बाद ही वन्यजीवों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो पायेगी, लेकिन शुरुआती संकेत बेहद सकारात्मक हैं. वन विभाग के अनुसार, बार्किंग डियर, भालू, लाल गिलहरी, मोर, नेवला, खरगोश और बंदरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है. पिछली गणना में यहां 39 भालू मिले थे, जिनका आंकड़ा इस बार बढ़ने का अनुमान है. यह वृद्धि दर्शाती है कि जंगलों की बेहतर सुरक्षा, अवैध शिकार पर कड़े नियंत्रण और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के कारण दलमा का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत हुआ है, जो भविष्य में इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा. अगर पिछले आंकड़ों पर नजर डालें, तो दलमा का जंगल हमेशा से विविध जीव-जंतुओं से गुलजार रहा है. पिछली गणना के अनुसार, यहां 1026 बंदर, 362 जंगली सुअर, 322 जंगली मुर्गियां, 245 मोर, 144 लाल गिलहरी, 113 खरहा और 100 बार्किंग डीयर पाये गये थे. इसके अलावा 96 नेवले, 37 लंगूर, 34 लोमड़ियां, 13 रेटल और 8 जंगली कुत्ते भी दर्ज किये गये थे. इनमें बंदरों और जंगली सुअरों की संख्या सबसे अधिक थी, जबकि भालुओं का ग्राफ भी लगातार ऊपर की ओर जा रहा है. लेकिन, इस हरियाली और खुशहाली के बीच हाथियों का पलायन एक बड़ा संकट बनकर उभरा है. एलीफेंट रिजर्व के रूप में विख्यात दलमा में कभी 150 से अधिक हाथियों का बसेरा हुआ करता था, लेकिन अब यह संख्या लगातार सिमट रही है. भोजन की तलाश और इंसानी दखल के कारण हाथी रिहायशी इलाकों की तरफ चले गये हैं. हालांकि, वन विभाग के लिए राहत की बात यह है कि हाल ही में हाथियों का एक दल वापस दलमा लौटा है, जिससे उम्मीद बंधी है कि आने वाले दिनों में हाथियों की संख्या में भी सुधार देखने को मिलेगा. फिलहाल, अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

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