Jamshedpur News. मिलर्स को 15 जून तक धान उठाव का अल्टीमेटम, पूरे जिले में बढ़ेगा दूध संग्रहण

Published by : PRADIP CHANDRA KESHAV Updated At : 03 Jun 2026 9:36 PM

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जमशेदपुर (फाइल फोटो)

बहरागोड़ा की तर्ज पर जिले के दूसरों प्रखंडों में भी तेज होगा दुग्ध विपणन, डेयरी किसानों को समय पर केसीसी देने का निर्देश

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Jamshedpur News.

समाहरणालय में बुधवार को आयोजित विभिन्न विभागों की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त राजीव रंजन ने ढुलमुल रवैया अपनाने वाले अधिकारियों और मिलर्स पर खफा दिखे. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कृषि, डेयरी और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं का सीधा लाभ किसानों को ससमय मिलना चाहिए. इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में सहकारिता, भूमि संरक्षण, उद्यान और पशुपालन विभाग की एक-एक कल्याणकारी योजना की समीक्षा की गयी और लक्ष्य हासिल करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.

दुग्ध संग्रहण का बनेगा नेटवर्क, नयी समितियों का होगा निबंधन

बैठक के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी आशा टोप्पो ने बताया कि वर्तमान में जिले के बहरागोड़ा क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 5000 लीटर दूध का संग्रहण (कलेक्शन) किया जा रहा है. इस पर उपायुक्त ने वर्तमान मिल्क कलेक्शन सिस्टम को अप-टू-डेट करते हुए इसका विस्तार पूरे जिले में करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि दुग्ध संग्रहण एवं विपणन (मार्केटिंग) व्यवस्था का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक उत्पादकों को इससे जोड़ें और ग्रामीण क्षेत्रों में नयी सहकारी समितियों का निबंधन (रजिस्ट्रेशन) कर उन्हें प्रोत्साहित करें. आगामी खरीफ मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने एलडीएम को निर्देश दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के आवेदनों की स्क्रूटनी और स्वीकृति में तेजी लायें. स्वीकृत हो चुके आवेदनों का बैंकों से शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराया जाये.

धान उठाव में सुस्ती पर नाराजगी, 15 जून की डेडलाइन तय

सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आयी. 31 मार्च तक लैंपसों में की गयी धान अधिप्राप्ति की जांच में पाया गया कि मिलर्स ने अब तक 35 क्विंटल धान का उठाव नहीं किया है. हालांकि विभागीय स्तर पर धान उठाव की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित है, लेकिन उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए मिलर्स को 15 जून तक हर हाल में धान उठाने का अल्टीमेटम दिया है. जिन लैंपसों में तकनीकी दिक्कतों के कारण धान की ऑनलाइन एंट्री नहीं हो सकी है, उनके संबंध में विभाग से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने को कहा गया है.

योजनाओं का होगा ”फिजिकल वेरिफिकेशन”, पशुधन का जल्द हो वितरण

सरकारी दावों और जमीन की हकीकत को परखने के लिए उपायुक्त ने भौतिक सत्यापन का आदेश दिया है. भूमि संरक्षण विभाग : जिले में विभाग द्वारा पूर्व में वितरित किये गये डीप बोरिंग, मिनी ट्रैक्टर एवं पंपसेट योजना के लाभुकों का अब ग्राउंड पर ”भौतिक सत्यापन” (फिजिकल वेरिफिकेशन) किया जायेगा. अधिकारी खुद जाकर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध करायेंगे. उद्यान विभाग : माली प्रशिक्षण कार्यक्रम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने और पूर्व में ट्रेनिंग ले चुके लोगों की वर्तमान गतिविधियों की रिपोर्ट मांगी गयी है. उपायुक्त ने जिले के संभावित क्षेत्रों में नर्सरी विकसित करने के साथ-साथ मधुमक्खी पालन और स्ट्रॉबेरी की खेती जैसी नकदी फसलों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया. पशुपालन विभाग : ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत बकरा, सुकर और कुक्कुट (पोल्ट्री) का वितरण जल्द से जल्द सुनिश्चित करने को कहा गया है. इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उपायुक्त के साथ मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, जिला सहकारिता पदाधिकारी समेत अन्य मौजूद थे.

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