jamshedpur news : एक साल चार माह के बच्चे ने 10 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद जीती जिंदगी की जंग
Author Akhilesh kumar
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जमशेदपुर (फाइल फोटो)
एमजीएम : बच्चे के पूरी तरह स्वस्थ होने पर भेजा गया घर
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फोटो एमजीएम
एमजीएम : बच्चे के पूरी तरह स्वस्थ होने पर भेजा गया घर
jamshedpur news :
एमजीएम अस्पताल के डॉक्टरों के मरीज की आखिरी सांस तक उसे बचाने के प्रयास की जीवटता ने एक मासूम की जिंदगी में मुस्कान लौटा कर सबका दिल जीत लिया. दरअसल, चाईबासा के कुमारडुंगरी निवासी एक साल चार माह के मासूम को गत 20 जनवरी को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया. हालत बेहद नाजुक थी, इसलिए डॉक्टरों ने बिना देरी किये उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा.लगातार 10 दिनों तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच झूलने के बाद जब बच्चे को होश आया, तो यह पल न सिर्फ परिजनों, बल्कि डॉक्टरों के लिए भी भावुक और राहत भरा था. चिकित्सकों के अनुसार इतनी कम उम्र में लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद स्वस्थ होना बेहद दुर्लभ है.
प्रोफेसर डॉ केके चौधरी की यूनिट में इलाज के दौरान पता चला कि बच्चा एक्यूट वायरल इंसेफ्लाइटिस से पीड़ित था. डॉक्टर के अनुसार, ऐसी स्थिति में 10 में से सिर्फ 1-2 बच्चे ही बच पाते हैं. बच्चे की देखरेख के लिए विशेष मेडिकल टीम गठित की गयी. डॉक्टर केके चौधरी के नेतृत्व में सीनियर रेजीडेंट डॉ जैनुल आवेदिन, डॉ पल्लवी, डॉ मेधा, डॉ तावेंदा, डॉ साहिल और डॉ तान्या ने दिन-रात इलाज किया. विभागाध्यक्ष डॉ रवींद्र कुमार और सिस्टर इंचार्ज सीमा कुमारी की भूमिका भी अहम रही. करीब 15 दिनों के इलाज के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गया. सबसे बड़ी बात यह रही कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरा इलाज नि:शुल्क हुआ, जिससे मजदूर परिवार को बड़ी राहत मिली.आपके शहर में
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