हरियाणा हादसा: मृतकों के परिजनों को मिलेगा 40-40 लाख का मुआवजा और नौकरी, आज जमशेदपुर पहुंचेंगे शव

गुरुग्राम में जमशेदपुर के मृतक मजदूरों के परिजनों से मुलाकात करते रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ (बीच में). फोटो: प्रभात खबर
Jamshedpur News: हरियाणा के भिवाड़ी में निर्माणाधीन साइट पर मिट्टी धंसने से झारखंड के छह मजदूरों की मौत के मामले में परिजनों को 40-40 लाख रुपये मुआवजा और एक आश्रित को नौकरी देने पर सहमति बनी है. गुरुवार को सभी पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ईचागढ़ और पोटका पहुंचाए जाएंगे. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
जमशेदपुर से संजीव भारद्वाज की रिपोर्ट
Jamshedpur News: हरियाणा के भिवाड़ी में निर्माणाधीन साइट पर मिट्टी धंसने से झारखंड के छह मजदूरों की मौत के मामले में केंद्र सरकार के मंत्री स्थानीय सांसदों ने बड़ी पहल की है. संसद सत्र की समाप्ति के तुरंत बाद रक्षा राज्य मंत्री सह रांची के सांसद संजय सेठ और जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो देर रात गुरुग्राम पहुंचे. वहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनकी मांगों को लेकर हरियाणा प्रशासन के साथ उच्च स्तरीय बैठक की.
गुरुग्राम गेस्ट हाउस में हुई महत्वपूर्ण बैठक
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में रक्षा राज्य मंत्री और जमशेदपुर सांसद के साथ गुरुग्राम के जिलाधिकारी अजय कुमार, पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा, एसडीएम मानेसर दर्शन यादव, सहायक श्रमायुक्त अनिल शर्मा और निर्माण कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में हादसे पर संवेदना प्रकट करते हुए प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और आश्रितों को रोजगार देने पर सहमति बनी.
40-40 लाख रुपये मुआवजा और रोजगार
बैठक में हुए निर्णय के अनुसार, मृतकों के परिजनों को कुल 40-40 लाख रुपये का मुआवजा मिलने का अनुमान है. इसमें 20-20 लाख रुपये निर्माण कंपनी की ओर से और शेष 20-20 लाख रुपये अन्य सरकारी प्रक्रियाओं व प्रावधानों के तहत दिए जाएंगे . इसके साथ ही पीड़ित परिवारों के एक-एक आश्रित को कंपनी में रोजगार देने पर भी बातचीत हुई. कंपनी ने सभी श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी ली है.
आज पहुंचेंगे पार्थिव शरीर, प्रशासन से हुई बात
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए गुरुग्राम के आयुक्त की बात पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के उपायुक्तों से करवाई, ताकि शवों को लाने में कोई प्रशासनिक अड़चन न आए. गुरुवार की सुबह सभी शवों को लेकर परिजन ईचागढ़ और जमशेदपुर के लिए रवाना हो जाएंगे. संजय सेठ ने कहा कि वे स्वयं पीड़ित परिवारों के निरंतर संपर्क में रहेंगे और हरसंभव सहायता सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने त्वरित पहल के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री का आभार भी जताया.
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर
जादूगोड़ा पोटका के निवासी
- धनंजय महतो (55)
- भागीरथ गोप (52)
- संजीत गोप उर्फ दुलाल (32)
- मंगल महतो (30)
ईचागढ़ के निवासी
- शिवशंकर सिंह मुंडा (30)
- परमेश्वर महतो (50)
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क्या कहते हैं सांसद
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा, “गुरुग्राम में एक निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे में पोटका से 4 और ईचागढ़ से 2 श्रमिकों की दुःखद मृत्यु हो गई. देर रात जमशेदपुर के सांसद विद्युत बरन महतो के साथ गुरुग्राम पहुंचा. यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश में महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में स्थानीय प्रशासन, संबंधित निर्माण कंपनी के अधिकारी और प्रभावित परिवार मौजूद रहे. इस दौरान सबने इस दु:खद हादसे पर संवेदना प्रकट की. साथ ही सभी प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा और आश्रित को रोजगार देने पर बातचीत हुई. सभी श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी कंपनी ने ली है. इस हादसे में जिन्होंने अपने परिजन खोए हैं, उसकी भरपाई तो नहीं की जा सकती है परंतु संकट की इस घड़ी में हम सब परिवारजनों के साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्हें हर संभव सहायता पहुंचाई जाएगी. इस मामले में त्वरित और सकारात्मक पहल के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी के प्रति आभार प्रकट करता हूं.”
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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