Jamshedpur News : धार्मिक स्थल की भूमि पर निगम व अंचल कार्यालय निर्माण का विरोध, ग्रामीणों ने किया उग्र प्रदर्शन

Updated at : 17 Mar 2025 7:02 PM (IST)
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Jamshedpur News : धार्मिक स्थल की भूमि पर निगम व अंचल कार्यालय निर्माण का विरोध, ग्रामीणों ने किया उग्र प्रदर्शन

Jamshedpur News : बालीगुमा और गोड़गोड़ा के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी धार्मिक और पारंपरिक भूमि पर नगर निगम और अंचल कार्यालय निर्माण का फैसला लिया है,

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-बालीगुमा व गोड़गोडा के ग्रामीणों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

-धार्मिक स्थल पर मानगो नगर निगम व अंचल कार्यालय बनाने पर ग्रामीणों ने जतायी आपत्ति

-बालीगुमा व गोड़गोड़ा के सैकड़ों ग्रामीणाें ने साकची आमबागान मैदान से डीसी ऑफिस गेट तक जुलूस निकाला

Jamshedpur News :

बालीगुमा और गोड़गोड़ा के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी धार्मिक और पारंपरिक भूमि पर नगर निगम और अंचल कार्यालय निर्माण का फैसला लिया है, जो उनकी आस्था और परंपराओं का उल्लंघन है. प्रदर्शन में सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए, जो पारंपरिक वाद्ययंत्रों, तीर-धनुष और तख्तियों के साथ साकची आमबागान मैदान से जुलूस निकालकर डीसी ऑफिस पहुंचे. तख्ती व बैनर में नगर निगम कानून ग्रामसभा में नहीं चलेगा, लैंड बैंक वापस लो, ग्रामसभा एकता जिंदाबाद, नगर निगम व अंचल कार्यालय का निर्माण रद्द करो सरीखे नारे लिखे हुए थे. ग्रामीणों का कहना है कि बालीगुमा स्थित श्मशान और बिदु चांदान जाहेर गाढ़ की भूमि पर सरकारी दफ्तरों का निर्माण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जायेगा. इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने डीसी कार्यालय के समक्ष करीब 40 मिनट तक नारेबाजी और प्रदर्शन किया. इसके बाद ग्रामसभा के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा, जिसमें स्पष्ट रूप से निर्माण कार्य रद्द करने की मांग की गयी.

ग्रामसभा की मंजूरी के बिना निर्माण अस्वीकार्य

माझी बाबा रमेश मुर्मू ने कहा कि जिला प्रशासन को किसी भी निर्माण से पहले ग्रामसभा बुलानी चाहिए थी. अगर प्रशासन ने ग्रामीणों से सलाह ली होती, तो वे उचित स्थान चिह्नित कर सकते थे. लेकिन प्रशासन ने बिना ग्रामसभा की सहमति के धार्मिक स्थल पर निर्माण का निर्णय लिया, जो न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि ग्रामीणों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला भी है. उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर न्यायालय का सहारा लिया जायेगा.

शुद्धिकरण के बाद बाहरी लोगों का प्रवेश होगा वर्जित

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मदन मोहन सोरेन ने कहा कि मंगलवार को धार्मिक स्थलों का शुद्धिकरण किया जायेगा, जिसके बाद वहां गांव के लोगों को छोड़कर अन्य किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी. अगर प्रशासन ने जबरन निर्माण कार्य करने की कोशिश की, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

इस प्रदर्शन में माझी बाबा रमेश मुर्मू, सनातन टुडू, पप्पू सोरेन, सुरेश टुडू, मायनो सोरेन, फाल्गुनी सोरेन समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे. सभी ने एक सुर में कहा कि किसी भी कीमत पर अपने धार्मिक स्थलों को सरकारी कब्जे में जाने नहीं देंगे और इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं.

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