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एर्मोफस इलेक्ट्रिकल स्टील रिबन से रुकेगा बिजली लॉस

Updated at : 04 Aug 2019 5:01 AM (IST)
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एर्मोफस इलेक्ट्रिकल स्टील रिबन से रुकेगा बिजली लॉस

जमशेदपुर : देश में बिजली उत्पादन का बड़ा हिस्सा बरबाद हो जाता है. तकनीकी कारणों की वजह से ट्रांसफॉर्मर से घर तक पहुंचने के क्रम में बिजली लॉस होता है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब एर्मोफस इलेक्ट्रिकल स्टील रिबन की मदद से बिजली की क्षति रोकी जा सकेगी. एनएमएल ( राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला ) […]

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जमशेदपुर : देश में बिजली उत्पादन का बड़ा हिस्सा बरबाद हो जाता है. तकनीकी कारणों की वजह से ट्रांसफॉर्मर से घर तक पहुंचने के क्रम में बिजली लॉस होता है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब एर्मोफस इलेक्ट्रिकल स्टील रिबन की मदद से बिजली की क्षति रोकी जा सकेगी. एनएमएल ( राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला ) के वैज्ञानिकों ने करीब 20 साल के रिसर्च के बाद एर्मोफस इलेक्ट्रिकल स्टील रिबन तैयार किया है, जिसे लैबोरेट्ररी टेस्ट में न सिर्फ पास कर दिया गया है.

पहले चरण में इसका उत्पादन भी किया गया है. पायलट प्लांट लगाने की योजना है. एर्मोफस इलेक्ट्रिकल स्टील रिबन के उत्पादन की टेक्नोलॉजी तैयार करने में एनएमएल के चीफ साइंटिस्ट डॉ अमिताभ मित्रा, प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ आशीष कुमार पांडा, सीनियर साइंटिस्ट डॉ रजत कुमार रॉय अौर साइंटिस्ट प्रेम कुमार ने भूमिका निभायी.
तकनीक विकसित करने के बाद पहली बार 25 मिमी रिबन का उत्पादन, बढ़ाकर 100 मिमी करने की योजना
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एर्मोफस इलेक्ट्रिकल स्टील रिबन माइग्नेटिक मटीरियल है. इसका लो मेल्टिंग प्वाइंट (तापमान का वह स्तर, जिसमें कोई वस्तु पिघलनी शुरू होती है) 1200 डिग्री सेंटीग्रेड है. लोहा व फिरोसिलिकन, फोरोबोरोन धातु को गला कर एलॉय तैयार किया जाता है. रैपिड सॉलिफिकेशन के जरिये ठंडा किया जाता है. इसका उपयोग ट्रांसफाॅर्मर में बिजली लॉस दूर करने में होता है.
चीन, जापान व जर्मनी पर नहीं रहना होगा निर्भर
भारत में रिबन का उत्पादन नहीं होने से चीन, जर्मनी व जापान जैसे देशों से इसका आयात किया जाता रहा है. केंद्र ने राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला को एर्मोफस इलेक्ट्रिकल स्टील रिबन तकनीक विकसित करने का सुझाव दिया था. इसके बाद एनएमएल ने इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी संभाली. पहली बार 25 मिमी रिबन का उत्पादन किया गया है.
इसे बढ़ा कर 100 मिमी तक करने की योजना है. इसी वजह से पायलट प्लांट स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है. डॉ आशीष पांडा ने प्रभात खबर से बात करते हुए बताया, एनएमएल के लैब में जो एर्मोफस इलेक्ट्रिकल स्टील रिबन तैयार किया गया है, उसकी प्रॉपर्टी भी काफी अच्छी है.
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