चार आउटसोर्स एजेंसियां होंगी ब्लैक लिस्टेड, प्राचार्य-अधीक्षक को नोटिस
Updated at : 11 Nov 2018 7:43 AM (IST)
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चंद्रशेखर, जमशेदपुर : स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने एमजीएम अस्पताल व कॉलेज में कार्यरत चार आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट करने का निर्देश दिया है. इसमें मेसर्स स्वास्तिक इंटरप्राइजेज (गोलमुरी), मेसर्स जी एलर्ट सिक्यूरिटी (रांची), मेसर्स एडवांस बिजनेस कॉरपोरेट (साकची), मेसर्स श्रीराम इंटरप्राइजेज (खड़ंगाझाड़) शामिल हैं. स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण सचिव […]
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चंद्रशेखर, जमशेदपुर : स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने एमजीएम अस्पताल व कॉलेज में कार्यरत चार आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट करने का निर्देश दिया है. इसमें मेसर्स स्वास्तिक इंटरप्राइजेज (गोलमुरी), मेसर्स जी एलर्ट सिक्यूरिटी (रांची), मेसर्स एडवांस बिजनेस कॉरपोरेट (साकची), मेसर्स श्रीराम इंटरप्राइजेज (खड़ंगाझाड़) शामिल हैं.
स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने एमजीएम प्राचार्य व अधीक्षक को भी एजेंसियों के कार्य पर नियंत्रण नहीं रख पाने के लिए जिम्मेदार करार देते हुए सात दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है. स्वास्थ्य विभाग ने एजेंसियों पर यह कार्रवाई मानव संसाधन का कम इस्तेमाल कर अधिक मानदेय प्राप्त करने के मामले में उपायुक्त के स्तर पर करायी गयी जांच और रिपोर्ट के बाद की है.
स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने एमजीएम कॉलेज के प्राचार्य और अस्पताल अधीक्षक को भेजे पत्र में बताया है कि आउटसोर्सिंग के तहत चयनित एजेंसी द्वारा पेश किये गये मानव संसाधन बल की कुल संख्या तथा वास्तविक कार्यरत कर्मियों की कुल संख्या में बड़ा अंतर भौतिक सत्यापन में पाया गया. उपायुक्त के माध्यम से अपर समाहर्ता स्तर के पदाधिकारी द्वारा जांच कर दी गयी रिपोर्ट में बताया गया है कि भौतिक सत्यापन में 15 से 20 सुरक्षाकर्मी समय उपस्थित दिखाये गये थे, उन्हें कभी अस्पताल परिसर में नहीं देखा गया. भौतिक सत्यापन में अन्यत्र स्थानों से लाकर सुरक्षाकर्मियों को उपस्थित किया गया.
एजेंसियों को 15 दिनों में ब्लैक लिस्टेड करने का स्वास्थ्य सचिव ने दिया निर्देश : सचिव ने पत्र में बताया है कि जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि दोनों पदाधिकारियों का संस्थान के अधीन कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों की उपस्थिति पर नियंत्रण नहीं है. यह सरकारी दायित्वों के निर्वाहन में उदासीनता का प्रतीक है. पूरे मामले में स्वास्थ्य सचिव ने प्राचार्य व अधीक्षक सात दिन में स्पष्टीकरण देने और जांच में उपस्थित पाये गये आउटसोर्स कर्मियों को ही मानदेह का भुगतान करने के साथ गलत तरीके से उपस्थिति दिखाकर मानदेय प्राप्त करने वाली एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों में ब्लैक लिस्ट करने का आदेश दिया है.
एजेंसी पर कार्रवाई की स्थिति में मरीजों को असुविधा नहीं हो यह सुनिश्चित करने का आदेश :
सचिव ने यह भी बताने को कहा है कि आउटसोर्स कर्मियों के अनुश्रवण के लिए प्रबंधन के स्तर पर क्या व्यवस्था की गयी है, और इसके लिए कौन पदाधिकारी जवाबदेह है? सचिव ने उनका स्पष्टीकरण भी मंतव्य के साथ देने को कहा है. स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल अधीक्षक व कॉलेज के प्राचार्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि आउटसोर्स एजेंसी पर कार्रवाई की स्थिति में अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित नहीं हो और मरीजों को असुविधा नहीं हो.
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