बजरंग लाल भरतिया का 48 घंटे बाद भी नहीं मिला कोई सुराग, आज नदी में तलाश करेगी एनडीआरएफ की टीम
Updated at : 02 Sep 2018 5:58 AM (IST)
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नदी किनारे चप्पल मिलने से प्रशासन को नदी में बहने की है आशंका सामाजिक कार्याें में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते रहे हैं भरतिया जमशेदपुर : जुगसलाई शिवघाट समिति के अध्यक्ष एवं प्रमुख व्यवसायी बजरंग लाल भरतिया का दो दिन बाद भी सुराग नहीं मिल सका है. बजरंग लाल 30 अगस्त की शाम से लापता […]
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नदी किनारे चप्पल मिलने से प्रशासन को नदी में बहने की है आशंका
सामाजिक कार्याें में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते रहे हैं भरतिया
जमशेदपुर : जुगसलाई शिवघाट समिति के अध्यक्ष एवं प्रमुख व्यवसायी बजरंग लाल भरतिया का दो दिन बाद भी सुराग नहीं मिल सका है. बजरंग लाल 30 अगस्त की शाम से लापता है. नदी किनारे से चप्पल मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन का अनुमान है कि बजरंग लाल नदी में बहे गये हो. उनकी तलाश के लिए पटना से एनडीआरएफ की टीम बुलायी गयी है. संभवत: रविवार को टीम नदी में बजरंग लाल की तलाश शुरू करेगी.
शनिवार की सुबह डीएसपी समेत कई पुलिस पदाधिकारी शिव घाट पहुंचे. यहां मौजूद लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की. भाजपा नेता अनिल मोदी ने बताया कि बजरंग लाल भरतिया के अचानक गायब होने का मामला रहस्य बनता जा रहा है. चक्रधरपुर के आसपास भी वह कई आश्रम में विकास कार्य करवा रहे थे. वहां भी लोगों से भी संपर्क कर उनके बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन पता नहीं चला.
सांसद और भाजपा जिला अध्यक्ष पहुंचे : सांसद विद्युत वरण महतो और भाजपा जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार शनिवार को शिवघाट पर पहुंचे और बजरंग लाल के परिजनों से बात की. सासंद श्री महतो ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम बुलाने को लेकर डीसी अमित कुमार से बात हुई है. गालूडीह डैम के पास जाल लगाया गया है. नदी घाट के पास से चप्पल मिलने के कारण ऐसी उम्मीद जतायी जा रही है कि शायद बजरंग लाल नदी में बह गये हो. जादूगोड़ा,घाटशिला और गालुडीह में पुलिस निगरानी कर रही है. एसएसपी बिरथरे ने भी ग्रामीण थाना प्रभारियों को दिशा-निर्देश दिया है. जमशेदपुर महानगर जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि बजरंग लाल की तलाश को लेकर उपायुक्त और एसएसपी से बातचीत हुई है. इसके अलावा भाजपा पदाधिकारियों को भी उनकी तलाश में लगाया गया है.
नदी की ओर कभी नहीं जाते थे बजरंग लाल : शिव घाट के सदस्यों ने बताया कि बजरंग लाल भरतिया नदी घाट की ओर कभी नहीं जाते थे. छठ पर्व में बड़ा कार्यक्रम होने के बाद भी वह नदी की ओर नहीं जाते थे.
गुरुवार की देर शाम कुछ लड़कों ने उन्हें नदी की ओर जाते देखकर लौटने को कहा था. तब बजरंग लाल ने उन्हें पैर-हाथ धोकर लौटने की बात कही थी. उसके बाद लड़के वहां से निकल गये.
दोस्तों ने कहा – बजरंग लाल कमजोर नहीं थे कि गलत कदम उठायें
बजरंग लाल हमारे भीष्म पितामह हैं. अचानक उनके कहीं चले जाने की बात समझ नहीं आती. उनका चप्पल नदी घाट के पास से मिला है. वह इतने भी कमजोर नहीं थे कि कोई गलत कदम उठायें. उनसे हर दिन बात होती थी. कभी भी उन्होंने परेशानी वाली कोई बात नहीं कही.
पप्पू सिंह, शिवघाट सदस्य
बजरंग लाल भरतिया से पुराना संबंध है. रोज उनसे बात होती थी. उन्होंने जब भी कुछ कहा, उसे फौरन पूरा किया गया. घटना वाले दिन भी बात हुई थी. उनकी तबीयत के बारे में भी पूछा था. बजरंग लाल ने सब ठीक होने की बात कही थी.
वीर बहादुर सिंह, मित्र
दिन में तीन-चार बार बजरंग लाल से बात होती थी. कभी उनके चेहरे पर तनाव नहीं देखा. बार-बार बोलते थे कि ओमप्रकाश के बिना शिव घाट का काम नहीं हो पायेगा. घटना वाले दिन सेवा सदन के पास छोड़ कर आया था. वह कब शिव घाट लौट गये, इसकी जानकारी नहीं है.
ओम प्रकाश, मित्र
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