शिक्षा के साथ जीवन कौशल सिखाने में हजारीबाग के शिक्षक आगे, 80 स्कूलों के 160 टीचर सम्मानित

Updated at : 24 Mar 2026 9:04 AM (IST)
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Hazaribagh News

हजारीबाग के नगर भवन में आयोजित सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में मौजूद शिक्षक एवं स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मी. फोटो: प्रभात खबर

Hazaribagh News: हजारीबाग के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के साथ जीवन कौशल और स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है. 80 स्कूलों के 160 शिक्षकों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया. छात्रों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, मानसिक संतुलन और सामाजिक मुद्दों पर जागरूक बनाने की दिशा में पहल जारी है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के समग्र विकास पर भी जोर दिया जा रहा है. यहां शिक्षक किशोर एवं किशोरियों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रख रहे, बल्कि उन्हें जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक बना रहे हैं. इन विषयों में स्वास्थ्य, पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता, लिंग समानता, नशामुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग जैसे अहम पहलू शामिल हैं.

16 से अधिक जीवन कौशल विषयों पर दी जा रही जानकारी

स्कूलों में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत 16 से अधिक विषयों पर छात्रों को प्रशिक्षित किया जा रहा है. इसमें बाल विवाह, बाल तस्करी, हिंसा से बचाव, भावनात्मक संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली जैसे मुद्दों को भी शामिल किया गया है. इसका उद्देश्य बच्चों को सिर्फ शैक्षणिक रूप से नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक रूप से भी मजबूत बनाना है.

शिक्षकों के प्रयासों की सराहना

सोमवार, 23 मार्च को जिले में शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम और सेंटर फॉर कैटलाइजिंग चेंज (सी3) के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान 80 स्कूलों के 160 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया. इन शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर उनके प्रयासों की सराहना की गई.

नगर भवन में आयोजित हुआ जिला स्तरीय सम्मेलन

यह कार्यक्रम नगर भवन में आयोजित किया गया, जहां जिला स्तरीय साथिया (पीयर एजुकेटर) सम्मेलन और स्वास्थ्य आरोग्य दूत सम्मान समारोह भी संपन्न हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. इस दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़े कई अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे.

विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारियां

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार, राज्य समन्वयक रफत फरजाना, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार और अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया. सभी ने छात्रों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए चल रही योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की. साथ ही किशोर स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी जानकारी साझा की गई.

लघु नाटिका के जरिए दिया जागरूकता संदेश

कार्यक्रम के दौरान चयनित साथिया (पीयर एजुकेटर) द्वारा लघु नाटिका प्रस्तुत की गई. इन नाटकों के माध्यम से महावारी स्वच्छता, नशामुक्ति और बीमारियों से बचाव जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया. इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ प्रेरित भी किया.

जिले में शिक्षा का व्यापक नेटवर्क

हजारीबाग जिले में शिक्षा का एक बड़ा नेटवर्क है. यहां कक्षा 1 से 12वीं तक करीब 1800 स्कूल संचालित हैं. जिले में कुल 16 प्रखंड शामिल हैं, जिनमें सदर, कटकमदाग, बरकट्ठा, चौपारण, बरही, बड़कागांव, केरेडारी और इचाक जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं. इसके अलावा जिले में 257 ग्राम पंचायत और 1300 से अधिक गांव मौजूद हैं.

स्वास्थ्य और शिक्षा का समन्वय बना मिसाल

सरकारी स्कूलों में इस तरह का समन्वित कार्यक्रम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में सामने आया है. यह न सिर्फ छात्रों को जागरूक बना रहा है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रहा है.

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भविष्य में और मजबूत होगी पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखा जाए, तो आने वाले समय में हजारीबाग ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड राज्य की शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में इसका सकारात्मक प्रभाव समाज पर साफ दिखाई देगा. इससे किशोरों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होगी और वे सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर एक स्वस्थ जीवन जी सकेंगे.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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