हजारीबाग. हजारीबाग जिले में बुधवार को चक्रवात मोंथा का असर दिनभर दिखा. सुबह से ही झमाझम बारिश होती रही. जिले में औसतन 13.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गयी. बारिश की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज किया गया. कृषि विभाग के अनुसार दारू में 12.2 एमएम, चुरचू में 24 एमएम, डाड़ी में 17.4 एमएम, बड़कागांव में 11 एमएम, केरेडारी में 8.6 एमएम, विष्णुगढ़ में 12.4 एमएम, टाटीझरिया में 17.4 एमएम, कटकमसांडी में 11 एमएम, बरही में 13 एमएम, कटकमदाग में 13.8 एमएम, बरकट्ठा 6.8 एमएम, चलकुशा 7.3 एमएम, पदमा 18.69 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गयी. उपराउं भूमि कृषि अनुसंधान केंद्र हजारीबाग के वैज्ञानिक डॉ शिव मंगल ने बताया कि बारिश से कम अवधि वाली धान को नुकसान हो सकता है. 120 से 125 दिन में तैयार होनेवाले धान को कोई नुकसान नहीं होगा. वहीं खेत में पानी भर जाने से रबी फसल को लगाने में देरी हो सकती है. खेत में अधिक पानी पड़ने से कुछ धान की फसल गिरने से कटाई के समय परेशानी होगी.
बेमौसम बारिश से धान व आलू की फसल को नुकसान
इचाक. बेमौसम बारिश से इचाक प्रखंड के किसानों को धान एवं आलू की फसल में नुकसान उठाना पड़ सकता है. खेतों में लगी धान 90 प्रतिशत पक गयी है. छठ पूजा के बाद धान काटने की तैयारी किसान कर रहे थे कि इसी बीच बुधवार को तेज बारिश होने से खेतों में जल जमाव हो गया. वहीं हवा चलने के कारण धान के पौधे गिरने लगे हैं. पका हुआ धान गिरने से पैदावार में कमी होने का अनुमान है. दूसरी ओर आलू की फसल में किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी. एक माह पूर्व आलू की रोपाई के समय लगातार बारिश होने से आलू की खेती में लाखों का नुकसान पहुंचा है. बरका, दरिया, कलादवार, फफूंदी, डाढा समेत कई गांव में बोये हुई आलू की बीज सड़ गयी, तो कुछ आलू के पौधे तैयार होने के बाद मरने लगे थे. धूप लगने के बाद किसानों को आस जागी थी, लेकिन पुनः बारिश होने से आलू के खेतों में पानी का जमाव हो रहा है. जिस कारण आलू के पैदावार में भारी नुकसान होने का अनुमान है. किसानों की मानें तो लगातार दो-तीन दिन बारिश हुई, तो धान एवं आलू की फसल में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

