शहरवासियों को चुकाना होगा 12 गुणा अधिक होल्डिंग टैक्स
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Jan 2017 12:40 AM (IST)
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नगर नियम के नये प्रस्ताव से लोगों की बढ़ी परेशानी हजारीबाग : हजारीबाग शहरी क्षेत्र में रहनेवाले लोगों को अब टैक्स चुकाना महंगा पड़ेगा. नये नियम के अनुसार शहरवासियों को अब तीन से 12 गुणा अधिक होल्डिंग टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा. पहले एक हजार वर्गफीट के लिए वार्षिक शुल्क 135 रुपया चुकाना पड़ता था. […]
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नगर नियम के नये प्रस्ताव से लोगों की बढ़ी परेशानी
हजारीबाग : हजारीबाग शहरी क्षेत्र में रहनेवाले लोगों को अब टैक्स चुकाना महंगा पड़ेगा. नये नियम के अनुसार शहरवासियों को अब तीन से 12 गुणा अधिक होल्डिंग टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा. पहले एक हजार वर्गफीट के लिए वार्षिक शुल्क 135 रुपया चुकाना पड़ता था.
अब नये प्रस्ताव के अनुसार 910 से 1512 रुपये का टैक्स चुकाना होगा. टैक्स का निर्धारण इस वर्ष 2016 में सड़कों के वर्गीकृत के आधार पर किया गया है. इससे पूर्व 1994-95 में टैक्स का निर्धारण मकानों के आधार पर किया गया था. बढ़े हुए टैक्स की वसूली अप्रैल 2016 से एरियर के रूप में भी की जायेगी.
व्यावसायिक मकानों का भी टैक्स बढ़ा
नगर निगम क्षेत्र में वाणिज्य कार्यालय, वित्तीय संस्थान, बैंक, बीमा कार्यालय, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम के लिए भी टैक्स में चार गुणा बढ़ोतरी की गयी है. व्यावसायिक भवन यदि 40 फीट सड़क के किनारे एक हजार वर्गफीट में बना है, तो इसके लिए 8780 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि पहले 1980 रुपये का भुगतान तय था. इसी तरह कॉलेज, कोचिंग सेंटर, निजी स्कूलों के लिए 2268 रुपये का टैक्स तय था.
पहले का होल्डिंग टैक्स
नगर निगम क्षेत्र में बनाये गये मकानों के लिए होल्डिंग टैक्स की वसूली मकान के आधार पर की जाती थी. मकान साधारण, मार्बल युक्त व व्यावसायिक श्रेणी में बांटे गये थे. सभी श्रेणियों के लिए अलग-अलग टैक्स का निर्धारण था. साधारण मकान के लिए 3.15 रुपये, मार्बलवाले मकान के लिए सात रुपये व व्यावसायिक मकान के लिए 21.90 रुपये प्रति वर्गफीट टैक्स निर्धारित किये गये थे.
क्या था पुराना नियम
उदाहरण के तौर पर किसी व्यक्ति का घर यदि एक हजार वर्गफीट में बना हो, तो पुराने टैक्स के अनुसार मकान मालिक को सलाना 133 रुपये का भुगतान करना पड़ता था. इसी तरह मार्बलवाले मकान के लिए 630 रुपये और व्यावसायिक मकानों के लिए 1980 रुपये का भुगतान करने पड़ते थे.
नगर निगम के नये नियम के अनुसार शहरवासियों को अब तीन से 12 गुणा अधिक टैक्स चुकाना होगा. नये टैक्स का निर्धारण सड़क की चौड़ाई के अनुसार हुआ है. अब 20 फीट, 20 से 40 फीट व 40 फीट से अधिक चौड़ाई वाली सड़क किनारे बने मकानों के लिए अलग-अलग टैक्स का निर्धारण किया गया है. यदि किसी व्यक्ति का पक्का मकान 20 फीट चौड़ी सड़क के किनारे एक हजार वर्गफीट में है, तो उसे 910 रुपये का भुगतान करना होगा.
इसी तरह खपरैल व एस्बेस्टर्स सीट के मकान के लिए 364 रुपये और कच्चे मकान के लिए 182 रुपये का सलाना भुगतान करना पड़ेगा. इसी तरह 20 से 40 फीट सड़क किनारे बने एक हजार वर्गफीट पर बने मकान के लिए 1218 रुपये का भुगतान करना होगा. एस्बेस्टर्स सीट व खपरैल मकान के लिए 490 रुपया और कच्चे मकान के लिए 241 रुपये का सलाना भुगतान करना होगा. 40 फीट से अधिक चौड़ी सड़क के किनारे एक हजार वर्गफीट में बने मकान के लिए 1512 रुपये का सलाना भुगतान करना पड़ेगा. यहां एस्बेस्टर्स सीट के मकान के लिए 605 रुपये और अन्य श्रेणी के मकान के लिए 302 रुपये का भुगतान करना होगा.
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