गुमला के डुमरी में मनाया गया रोपा पर्व, यहां अनोखा परंपरा है
रोपा पर्व में लोग | Prabhat Khabar Network
गुमला के डुमरी में रोपा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
गुमला. गुमला स्थित डुमरी प्रखंड के नवाडीह पंचायत के ग्राम डुमरडांड ग्रामीणों ने मंगलवार को रोपा पर्व धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला. रोपा पर्व के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ बालक-बालिका, महिला एवं पुरुष वर्ग के लिए 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ के अलावा बोरा रेस, बिस्किट रेस, बम रेस, गिरा रेस, घड़ा फोड़ प्रतियोगिता तथा फुटबॉल मैच सहित कई मनोरंजक खेल आयोजित किए गए.
खेल कौशल का प्रदर्शन
प्रतियोगिताओं में बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं-पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. कार्यक्रम में अतिथि के रूप में वार्ड सदस्य कांता कुजूर, ग्राम प्रधान जगरनाथ भगत, सुमेश उरांव, पंचगण सिकंदर उरांव, किस्मत मिंस, दिलीप कुजूर, विकास लकड़ा, बहादुर उरांव, नबीर मिंस समेत गांव के बुजुर्गों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था.
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रोपा पर्व का महत्व
अतिथियों ने रोपा पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेती बारी कार्यों के निपटारा के बाद रोपा पर्व मनाते हैं. ये पर्व ग्रामीणों के बीच आपसी भाईचारा, एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. रोपा पर्व जैसे पारंपरिक कार्यक्रमों से ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा मिलता है. समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौके पर सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे.
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लेखक के बारे में
By दुर्जय पासवान
दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.
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