मौसम के बदले मिजाज से पलामू के किसानों के मुरझाये चेहरे पर लौटी मुस्कान
रुक-रुककर रही है बारिश | Prabhat Khabar Network
पलामू में लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश से धान की खेती को नई संजीवनी मिली है। मौसम की मेहरबानी से किसानों में खुशी की लहर है और धान की रोपाई में तेजी आई है।
रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट पलामू. मौसम के बदले मिजाज से पलामू जिले के किसानों के मुरझाये चेहरे पर मुस्कान लौट गयी है. सोमवार की शाम से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है. रात में भी जमकर बारिश हुयी.मंगलवार की अहले सुबह से ही हल्की बारिश हो रही है. सावन माह में मौसम की इस मेहरबानी से जिले के किसान काफी खुश नजर आ रहे हैं.
आषाढ़ में कम बारिश के कारण सुखाड़ जैसी स्थिति
खासकर वैसे किसान काफी खुश हैं, जिन्होंने किसी तरह धान की रोपाई कर दी है. उनका कहना है कि बारिश होने से धान की फसल को काफी लाभ मिला है. मालूम हो कि आषाढ़ महीने में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण पलामू अकाल सुखाड़ के मुहाने पर खडा था. सावन महीने में भी औसत से कम बारिश हुई थी. ऐसी स्थिति में लक्ष्य से काफी कम धान फ़सल का आच्छादन हुआ है. जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन उपलब्ध थे, उसके माध्यम से धान की रोपाई की गयी.
धान की रोपाई का कार्य तेज
लेकिन बारिश होने से जिले में धान की रोपाई का कार्य तेज हो गया है. खासकर जिन किसानों के खेत सोत में है और मिट्टी केवाल है वहां धान की रोपाई हो रही है. लंबे समय के इंतजार के बाद बारिश होने से किसानों की उम्मीदें बढ़ गयी है. इसी तरह मौसम मेहरबान रहा तो धान की फसल के लिए काफी लाभदायक होगा.
फसल के लिए बारिश अमृत के समान
किसानों के मुताबिक धान की फसल के लिए यह बारिश अमृत के समान साबित हो रही है. किसानों का कहना है कि “धान-पान नित्य स्नान” अर्थात धान की फसल के विकास के लिए नियमित रूप से हल्की बारिश आवश्यक है. बारिश के पानी से धान के पौधों का बेहतर विकास होता है. इससे धान की फसल जल्दी हरी-भरी होती है और पौधों की जड़ें भी मजबूत होती हैं.
खाद के छिड़काव में भी सुविधा
पर्याप्त नमी रहने से खेत से खर पतवार की निकासी करने व खाद के छिड़काव में भी सुविधा होती है. किसानों को उम्मीद है कि समय-समय पर बारिश होती रही तो धान की फसल का उत्पादन भी बेहतर होगा. जिले के सभी प्रखंडों में बारिश होने से धान की खेती अच्छी होने की उम्मीद है. पलामू में सिंचाई के संसाधनों का अभाव है. बारिश के भरोसे ही अधिकांश किसानों का खेती कार्य होता है. अच्छी बारिश होने पर फसलों का उत्पादन भी अधिक होता है.
विपरित परिस्थितियों से जुझते हुए लगायी धान
पर्याप्त बारिश नहीं होने पर किसानों के खेत सूखे रह जाते हैं. जिले के कई किसानों का कहना है कि विपरित परिस्थितियों से जुझते हुए धान की फसल लगायी है. पाटन प्रखंड के निमियां टूसरा गांव के किसान अजय सिंह उर्फ डीकू ने बताया कि पंप के सहारे करीब सात एकड़ में धान की रोपनी की है. उन्होंने कहा कि सिंचाई कर फसल को बचाया जा सकता है, लेकिन बरसात के पानी का फसल पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है.
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अच्छी बारिश की उम्मीद
बरसात का पानी धान की फसल के लिए अमृत तुल्य है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश हुई तो धान की फसल का उत्पादन बेहतर होगा. इसी तरह ऊंटारी रोड प्रखंड के किसान रविन्द्र तिवारी, उमा तिवारी, छोटन सिंह, अशोक सिंह, पांडु के किसान गयानंद पांडेय, सुरेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए काफी फायदेमंद है. इसी तरह इस बारिश से जिले के विभिन्न प्रखंडों के किसानों में खुशी की लहर है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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