छह सूत्री मांगों को लेकर सेविकाओं ने दिया धरना, पीएम के नाम उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र

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आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ गुमला की सेविकाओं |Prabhat Khabar Network

गुमला में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने अपनी 6 सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय के बाहर धरना दिया और प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।

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गुमला. आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ गुमला जिला के बैनर तले जिलेभर की आंगनबाड़ी सेविकाओं व सहायिकाओं ने छह सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. चंदाली पहुंचने के बाद सेविकाएं कतारबद्ध होकर समाहरणालय परिसर में प्रवेश कर धरने पर बैठीं. इस दौरान कई सेविकाओं व सहायिकाओं के हाथों में अपनी मांगों से संबंधित तख्तियां थीं.

आंदोलन करने के लिए विवश

उन्होंने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की. धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सेविकाओं व सहायिकाओं की मांगों से संबंधित जानकारी कई बार विभाग और सरकार को दी जा चुकी है. इसके बावजूद सरकार और विभाग की उदासीनता से उन्हें आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ रहा है. संघ ने आंगनबाड़ी कर्मचारियों को मजदूर का दर्जा देने और न्यूनतम मजदूरी 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की.

सेविका को10 तथा सहायिका को 5 लाख देने की मांग

इसके अलावा इपीएफ, ग्रेच्युटी, बोनस, पेंशन और चिकित्सा सुविधा का लाभ देने, सेवानिवृत्ति के बाद सेविका को 10 लाख रुपये तथा सहायिका को पांच लाख रुपये एकमुश्त देने की मांग रखी गयी. संघ ने यह भी मांग की कि सेविका या सहायिका की कार्यकाल के दौरान मौत होने पर उनके आश्रित बहू या बेटी की सीधी बहाली की जाये.

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सुपरवाइजर के पद पर शत-प्रतिशत बहाली

महिला सुपरवाइजर के पद पर आंगनबाड़ी सेविकाओं की शत-प्रतिशत बहाली करने के साथ उम्र सीमा की बाध्यता समाप्त करने तथा नयी शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शैक्षणिक योग्यता व अनुभव के आधार पर सेविकाओं को शिक्षिका के पद पर बहाल करने की मांग की गयी. धरना-प्रदर्शन के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा. मांग पत्र की प्रतिलिपि डीडीसी व डीएसडब्ल्यूओ गुमला को भी दी गयी. धरना-प्रदर्शन में संघ की जिलाध्यक्ष ममता गुप्ता, जिला मंत्री तारा देवी, रीमा देवी, शशिकला देवी, फुलमती देवी, सुशांती देवी, सोनी प्रवीण, रोपसन टोप्पो, लक्ष्मी देवी, महादेवी देवी, निर्मला देवी, पेरपेतुवा समेत बड़ी संख्या में सेविका व सहायिका शामिल थी.


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दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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