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गली व मोहल्लों में बिछी पाइप लाइन, पर पानी सप्लाई शुरू नहीं

Updated at : 15 May 2024 10:07 PM (IST)
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गली व मोहल्लों में बिछी पाइप लाइन, पर पानी सप्लाई शुरू नहीं

शहर की आधी जनसंख्या सप्लाई पानी से वंचित, खरीद कर पानी पीते हैं लोग

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गुमला. गुमला शहर के लिए यह विडंबना है कि जिले बने 40 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, परंतु गुमला शहर की आधी से अधिक आबादी सप्लाई पानी से वंचित है. जबकि गुमला शहर के हर गली व मोहल्लों में पाइप लाइन पांच साल पहले ही बिछा दी गयी है. लेकिन बिछायी गयी पाइप लाइन से अबतक पानी की सप्लाई चालू नहीं की गयी है. इसका नतीजा है कि शहर के अधिकांश लोग पानी खरीद कर या तो दूसरे घरों से मंगा कर पीते हैं. क्योंकि गुमला शहर में चापानल सफल नहीं है. अगर कहीं चापानल ठीक है, तो पानी का स्वाद ठीक नहीं है.

पहली बार 1986 में बिछायी गयी थी पाइप लाइन:

शहरी क्षेत्र में पहली बार 1986 में पाइप लाइन बिछायी गयी थी. इसके बाद दूसरी बार पांच साल पहले पाइप लाइन बिछायी गयी. 1986 में बिछायी गयी पाइप लाइन का दायरा सीमित मोहल्लों तक है. शहर के मुख्य मार्गों तक ही पाइप लाइन बिछी थी. परंतु, पांच साल पहले जो पाइप लाइन बिछायी गयी, वह हर गली व मोहल्ले तक गया. परंतु, सिर्फ दुंदुरिया व करमटोली बस्ती को छोड़ दिया जाये, तो नयी पाइप लाइन से कहीं पानी सप्लाई शुरू नहीं की गयी.

पालकोट रोड में नहीं बनी जलमीनार:

शहरी क्षेत्र में चार स्थानों पर जलमीनार लगाने की योजना थी. दुंदुरिया पार्क के बगल में, करमटोली, चेटर व पालकोट रोड के समीप जलमीनार बननी थी, जिसमें फिलहाल में दुंदुरिया व करमटोली में ही जलमीनार बनी है और वहां से पानी सप्लाई चालू है. परंतु, पालकोट रोड का जलमीनार अबतक नहीं बनी है. इसके अलावा पहले से पीएचइडी कार्यालय व बाजारटांड़ के समीप दो जलमीनार है. इसमें बाजारटांड़ की जलमीनार से पानी सप्लाई भी कुछ ही इलाकों तक होती है. कुछ जगह पर चाबी सिस्टम कर देने से कई मोहल्लों तक पानी नहीं पहुंच पाता है.

डेड हो गया खटवा नदी जलापूर्ति केंद्र: शहर से पांच किमी दूरी पर लोहरदगा रोड पर खटवा नदी है. 1986 में सबसे पहली बार यहां से पानी सप्लाई शुरू की गयी थी. परंतु, कलांतार में शहर की जनसंख्या बढ़ने से पानी की मांग अधिक हो गयी. इसके बाद गुमला शहर से 15 किमी दूर नागफेनी कोयल नदी में जलापूर्ति केंद्र की स्थापना की गयी, जहां से अभी वर्तमान में पानी सप्लाई होती है. नागफेनी जलापूर्ति केंद्र चालू हुआ, तो पूर्व के प्रशासनिक अधिकारियों की उपेक्षा के कारण खटवा नदी जलापूर्ति केंद्र को डेड कर दिया गया.

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गुमला शहर का फैक्ट फाइल

गुमला शहर में वार्डों की संख्या : 22गुमला शहर की आबादी : करीब 53000परिवारों की संख्या : करीब 10 हजारपानी सप्लाई : नागफेनी कोयल नदी सेगुमला शहर में जलमीनार संख्या : 04पाइप लाइन : कई मोहल्लों में पाइप बेकार

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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