लॉक डाउन में बेटी के घर फंस गया था, सरहुल मनाने घर से निकला और हो गयी हत्या

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लॉक डाउन में बेटी के घर फंस गया था, सरहुल मनाने घर से निकला और हो गयी हत्या

गुमला जिले के घोर नक्सल प्रभावित बिशुनपुर थाना के कटिया जंगल के लालटाड़ से बिशुनपुर पुलिस ने रविवार को घाघरा प्रखंड निवासी 60 वर्षीय सहजू उरांव का शव बरामद किया है. उसकी तेज धारधार हथियार से काटकर हत्या की गयी है. बताया जा रहा है कि सहजू लॉक डाउन से पहले अपनी बेटी कलावती देवी के ससुराल कटिया गांव आया था. लॉक डाउन होने के कारण वह वापस घाघरा नहीं जा सका था.

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गुमला जिले के घोर नक्सल प्रभावित बिशुनपुर थाना के कटिया जंगल के लालटाड़ से बिशुनपुर पुलिस ने रविवार को घाघरा प्रखंड निवासी 60 वर्षीय सहजू उरांव का शव बरामद किया है. उसकी तेज धारधार हथियार से काटकर हत्या की गयी है. बताया जा रहा है कि सहजू लॉक डाउन से पहले अपनी बेटी कलावती देवी के ससुराल कटिया गांव आया था. लॉक डाउन होने के कारण वह वापस घाघरा नहीं जा सका था.

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पिछले शुक्रवार को कटिया गांव में सरहुल था. जिसको लेकर शाम को अपनी बेटी के यहां से निकला और गांव में सरहुल मनाने चला गया. जहां से वह घर वापस नहीं आया. इधर, रविवार को बिशुनपुर पुलिस को कटिया जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति के शव होने की सूचना मिली. जिसके उपरांत थाना प्रभारी मोहन कुमार के नेतृत्व में बिशुनपुर पुलिस घटनास्थल पहुंचकर शव को कब्जे में कर बिशुनपुर थाना लायी है.

मृतक के शरीर को देखने से यह प्रतीत हो रहा है कि धारदार हथियार से मारकर उसकी हत्या की गयी है. थाना प्रभारी मोहन कुमार ने बताया कि काफी खोजबीन के बाद यह पता चला कि उक्त व्यक्ति अपनी बेटी के घर कटिया आया था. पुलिस बारीकी से छानबीन कर रही है. मृतक के परिजन अब तक थाना नहीं पहुंचे हैं. उन्हें बुलाने का प्रयास किया जा रहा है. उनके आने के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है.

मृतक के दामाद रवि उरांव से दूरभाष पर संपर्क की गयी है, उसने कहा कि घटना कैसे और क्यों घटी है. यह मुझे पता नहीं है. परंतु शुक्रवार को गांव में सरहुल था. मेरे ससुर सहजू उरांव शुक्रवार शाम को पीने खाने के लिए गांव में ही निकले थे. जहां से वह लौटकर घर नहीं आए. हम लोगों ने खोजबीन भी नहीं की. हमें लगा कि किन्ही के घर में होंगे. हम लोगों को भी पता नहीं था कि मेरे ससुर की हत्या हुई है.

खबर लिखे जाने तक मृतक का शव बिशुनपुर थाने में ही पड़ा था. परिजनों का इंतजार किया जा रहा था. नक्सल इलाका होने के कारण परिजन कटिया गांव से निकलकर बिशुनपुर थाना नहीं पहुंचे थे.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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