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गुमला में ई-केवाइसी नहीं करानेवाले किसानों को ऋण माफी में हो सकती है परेशानी

झारखंड सरकार के कृषि ऋण माफी योजना के तहत ऋण माफी के लिए गुमला जिला के हजारों किसानों का नाम सूचीबद्ध किया गया है. योजना के तहत जिले भर के 14414 किसानों का विभिन्न बैंकों में डाटा अपलोड किया गया है.

By Prabhat Khabar Print Desk
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Jharkhand News:  ई-केवाइसी नहीं करानेवाले किसानों को ऋण माफी में हो सकती है परेशानी
Jharkhand News: ई-केवाइसी नहीं करानेवाले किसानों को ऋण माफी में हो सकती है परेशानी
Prabhat Khabar

गुमला : झारखंड सरकार के कृषि ऋण माफी योजना के तहत ऋण माफी के लिए गुमला जिला के हजारों किसानों का नाम सूचीबद्ध किया गया है. योजना के तहत जिले भर के 14414 किसानों का विभिन्न बैंकों में डाटा अपलोड किया गया है. जिसमें 8315 किसानों ने प्रज्ञा केंद्रों में अपना-अपना ई-केवाईसी कराया है. जबकि 6099 किसानों ने अब तक अपना-अपना ई-केवाईसी नहीं कराया है. ई-केवाईसी कराने वाले किसानों का ऋण तो माफ हो जायेगा. परंतु ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसानों को ऋण माफी में परेशानी हो सकती है.

बताते चले कि राज्य में काफी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिन्होंने कृषि कार्य के लिए बैंक से ऋण लिया है. परंतु किसी कारणवश ऋण लेनेवाले किसान बैंकों को ऋण चुकाने में असमर्थ हैं. किसानों की इस समस्या के समाधान के लिए झारखंड सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना बनायी है. योजना के तहत किसान का 50 हजार रुपये तक ऋण माफ करने की योजना है.

कई किसानों ने 50 हजार रुपये तक ऋण लिया है, तो कई किसानों ने 50 हजार रुपये से भी अधिक ऋण लिया है. जिसमें 50 हजार रुपये से अधिक ऋण लेने वाले किसानों का भी 50 हजार रुपये तक ऋण माफ किया जायेगा, जबकि शेष राशि किसान को स्वयं बैंक में जमा करना पड़ेगा. इधर, गुमला जिला से सूचीबद्ध किसानों में आधे से भी अधिक किसानों ने अपना ई-केवाइसी करा लिया है. ई-केवाईसी कराने वाले किसानों का ऋण माफी के लिए सरकार एवं संबंधित बैंकों द्वारा आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

परंतु ई-केवाइसी नहीं करानेवाले किसानों का मामला अब तक लंबित है. यदि ये किसान भी जल्द ही प्रज्ञा केंद्रों में अपना ई-केवाइसी करा लेते हैं, तो ऋण माफी के आगे की प्रक्रिया की जायेगी. इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि ऋण माफी के लिए सूचीबद्ध किसानों में आधे से अधिक किसानों ने अपना-अपना ई-केवाइसी करा लिया है. जबकि कई किसानों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है. ऐसे किसान अपने राशन कार्ड का नंबर एवं आधार कार्ड के माध्यम से प्रज्ञा केंद्र में अपना ई-केवाईसी करा लें. ताकि ऋण माफ किया जा सके.

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