टावर चौक स्थित पुलिस कंट्रोल रूम तोड़ने के विरोध में भाजपा ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

एसडीओ को ज्ञापन सौंपते भाजपा नेता | Prabhat Khabar Network
गुमला में टावर चौक स्थित पुलिस कंट्रोल रूम को हटाने के विरोध में भाजपा ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. प्रतिमा स्थापना के स्थान पर पुनर्विचार की मांग की गई है.
गुमला: भारतीय जनता पार्टी गुमला जिला इकाई ने शहर के टावर चौक (शहीद स्मारक) स्थित पुलिस कंट्रोल रूम को ध्वस्त कर वहां पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर बुधवार को उपायुक्त और एसडीओ को ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन में कहा गया कि टावर चौक शहर का प्रमुख स्थल है. यहां पूर्व में विधायक निधि से निर्मित पुलिस कंट्रोल रूम से पुलिसकर्मी शहर की गतिविधियों पर नजर रखते हैं. सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कानून-व्यवस्था की निगरानी की जाती है.
भाजपा ने अपने आवेदन में कहा कि स्वर्गीय शिबू सोरेन राज्य के सम्मानित जननायक हैं और उनकी प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए, लेकिन इसके लिए ऐसा स्थान चुना जाना चाहिए जो उनकी गरिमा और ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप हो. पार्टी का कहना है कि पुलिस कंट्रोल रूम को हटाकर प्रतिमा स्थापित करना प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं है और यह जनहित में भी नहीं है.
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रस्तावित स्थल के समीप शहीद स्मारक स्थित है, जो गुमला की पहचान और सम्मान का प्रतीक है. ऐसे में बिना समुचित योजना के प्रतिमा स्थापित करने से शहीद स्मारक की गरिमा प्रभावित होने और विवाद उत्पन्न होने की आशंका है.
भाजपा ने उपायुक्त से इस कार्य पर तत्काल रोक लगाने और सभी संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श कर उचित निर्णय लेने की मांग की है. साथ ही मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने पर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करने की चेतावनी दी है. मौके पर जिला अध्यक्ष सागर उरांव, युवा अध्यक्ष संदीप प्रसाद, निर्मल गोयल, राजेश सिंह, प्राण गोविंद दत्ता, बबलू वर्मा सहित कई लोग मौजूद थे.
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लेखक के बारे में
By दुर्जय पासवान
दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.
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