ई-विद्यावाहिनी से होगी शिक्षकों और विद्यार्थियों की निगरानी, उपस्थिति के आधार पर मिलेगा वेत

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ई-विद्यावाहिनी पर शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश

झारखंड में ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षकों और छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। अब उपस्थिति के आधार पर ही वेतन और मानदेय का भुगतान किया जाएगा।

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गुमला: झारखंड शिक्षा परियोजना गुमला ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सह निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, लेखापाल सह कंप्यूटर ऑपरेटर तथा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों को ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मियों, सहायक अध्यापकों व छात्र-छात्राओं की शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है.

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के पूर्व आदेश तथा विभागीय सचिव की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिये गये निर्देशों के आलोक में जारी पत्र में बताया गया है कि वर्ष 2026 में जिले के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों की औसत उपस्थिति 82.85 प्रतिशत तथा छात्र-छात्राओं की औसत उपस्थिति 63.21 प्रतिशत दर्ज की गयी है. इन आंकड़ों में सुधार लाने के उद्देश्य से उच्चस्तरीय निर्देशानुसार विशेष कार्ययोजना लागू की जा रही है.

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षकों व विद्यार्थियों की दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है. इसके बावजूद कई विद्यालयों द्वारा नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज नहीं किये जाने पर विभाग ने नाराजगी जतायी है. निर्देश के अनुसार सभी प्रखंडों में साप्ताहिक आधार पर अनुपस्थिति की समीक्षा की जायेगी तथा लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के विरुद्ध प्रत्येक सप्ताह कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी.

इसके तहत प्रखंड स्तर पर एमआइएस समन्वयक व कंप्यूटर ऑपरेटर प्रतिदिन पोर्टल से उपस्थिति विवरण डाउनलोड कर उसकी समीक्षा करेंगे और रिपोर्ट प्रखंड स्तरीय व्हाट्सएप समूह में साझा करेंगे. विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि निकासी व व्ययन पदाधिकारी शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के सत्यापन के आधार पर ही वेतन व सहायक अध्यापकों के मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करेंगे. साथ ही सभी शिक्षक व प्रधानाध्यापक किसी प्रकार के अवकाश के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करेंगे.

ऑफलाइन अथवा अन्य किसी माध्यम से प्राप्त अवकाश आवेदन स्वीकार नहीं किए जायेंगे. जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, गुमला ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने, विद्यालयवार साप्ताहिक व मासिक उपस्थिति की नियमित समीक्षा करने तथा लगातार अनुपस्थित पाये जाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.


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दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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