गुमला में टावर चौक पर लगेगी शिबू सोरेन की प्रतिमा, बगल में बनेगा मॉडल पुलिस कंट्रोल रूम

यहीं बनेगा मॉडल पुलिस शेड | Prabhat Khabar Network
गुमला के टावर चौक पर जर्जर पुलिस कंट्रोल रूम को हटाकर अब मॉडल पुलिस शेड बनाया जाएगा. साथ ही यहां स्व. शिबू सोरेन की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी.
गुमलाः शहर के टावर चौक शहीद स्मारक के समीप स्थित पुलिस कंट्रोल रूम का दोबारा नवनिर्माण किया जाएगा. इस बार पुलिस कर्मियों के बैठने और अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मॉडल तर्ज पर पुलिस शेड का निर्माण होगा. मंगलवार को अचानक पुलिस कंट्रोल रूम के पुराने शेड को तोड़े जाने के बाद लोगों को लगा था कि पुलिस शेड को स्थायी रूप से हटाया जा रहा है. लेकिन शेड की जर्जर स्थिति को देखते हुए उसे तोड़कर नए मॉडल पुलिस शेड के रूप में बनाने की योजना तैयार की गई है.
इसी पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से गुमला शहर की सुरक्षा, गश्ती और ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी सहित कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं. लंबे समय से शेड की स्थिति खराब थी. बारिश के दौरान पानी अंदर घुस जाता था, जिससे ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को परेशानी होती थी. प्रशासन की योजना के अनुसार पुराने स्थान पर ही नए शेड का निर्माण किया जाएगा. हालांकि, शेड निर्माण से पहले वहां दिशुम गुरु सह पूर्व मुख्यमंत्री स्व शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. प्रतिमा स्थापना के बाद पुलिस शेड निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी.
गुमला सर्किल के इंस्पेक्टर सह सदर थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम का शेड बनाया जाएगा. मूर्ति स्थापित करने के लिए गड्ढा खोदने और नींव मजबूत करने के लिए शेड को तोड़ा गया था. उन्होंने बताया कि वहां पर्याप्त जगह है. स्व शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित होने के बाद उसके बगल में सुंदर और सुविधाजनक पुलिस शेड बनाया जाएगा, ताकि पुलिसकर्मियों को ड्यूटी करने में परेशानी न हो.
टावर चौक पर शिबू सोरेन की प्रतिमा का स्वागत योग्य कदम: संतोष झा
सेव योर लाइफ गुमला के सचिव संतोष झा ने कहा कि यदि गुरुजी शिबू सोरेन की प्रतिमा लगाने के लिए यह पहल की जा रही है तो यह स्वागत योग्य है. उन्होंने कहा कि टावर चौक कोई ऐतिहासिक नाम नहीं है, जबकि गुरुजी झारखंड निर्माण की ऐतिहासिक कड़ी रहे हैं. गुमला जनजाति बहुल क्षेत्र है, इसलिए यहां जनजातीय स्वाभिमान की झलक होनी चाहिए. उन्होंने टावर चौक के समीप स्व शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने का समर्थन किया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By दुर्जय पासवान
दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










