सांसद व विधायक में ठनी

Published at :15 Jan 2016 3:02 AM (IST)
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सांसद व विधायक में ठनी

दुर्जय पासवान गुमला : रायडीह प्रखंड के पर्यटन स्थल हीरादह में बननेवाले हाइलेबल पुल का काम विधायक शिवशंकर उरांव ने बंद करा दिया है. उन्होंने डीपीआर की मांग की है. सांसद सह केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत चाहते हैं कि पुल जल्द बने. पुल निर्माण को लेकर विधायक व सांसद अब आमने-सामने हैं. दोनों में […]

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दुर्जय पासवान
गुमला : रायडीह प्रखंड के पर्यटन स्थल हीरादह में बननेवाले हाइलेबल पुल का काम विधायक शिवशंकर उरांव ने बंद करा दिया है. उन्होंने डीपीआर की मांग की है. सांसद सह केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत चाहते हैं कि पुल जल्द बने. पुल निर्माण को लेकर विधायक व सांसद अब आमने-सामने हैं. दोनों में कार्य को लेकर मतभेद है.
6.72 करोड़ से पुल बनना है
हीरादह में छह करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से हाई-लेबल पुल बनना है. इसपर ठेकेदार राधामोहन साहू ने काम भी शुरू किया. शुरू में भाकपा माओवादियों ने काम को रोका. बाद में गांव में ग्रामीणों की बैठक हुई. फिर काम शुरू करा दिया गया. इधर डीपीआर नहीं मिलने से नाराज विधायक शिवशंकर उरांव हीरादह पहुंचे. उन्होंने पुल निर्माण में फॉल्ट बताते हुए काम बंद करा दिया. इसके बाद गांव में पुन: ग्रामीणों की बैठक हुई. विधायक के खिलाफ लोगों ने बोला. इसके बाद फिर विधायक गांव पहुंचे और अपनी सफाई दी. इसके बाद भी अभी तक पुल का काम बंद है.
पूर्व में भी बंद हुआ था काम
विधायक से पहले भाकपा माओवादियों ने भी पुल निर्माण कार्य को बंद कराया था. इसके बाद ग्रामीणों की पहल से पुल का काम शुरू हुआ. लेकिन पुन: गुमला के विधायक शिवशंकर उरांव ने डीपीआर की मांग को लेकर पुल का काम बंद करा दिया है. अभी भी काम बंद है.
विधायक काम शुरू कराने को तैयार नहीं है. जबकि जनता की मांग है कि पुल बने. सूत्र बताते हैं कि पुल के शिलापट में सिर्फ सांसद सुदर्शन भगत का नाम है. उन्हें ही पुल का शिलान्यास करना था. जबकि क्षेत्र का जनप्रतिनिधि होने के नाते उसमें विधायक का भी नाम हो, ऐसी सोच है विधायक की. दोनों जनप्रतिनिधियों के बीच मनमुटाव का कारण भी यही है. दोनों में अंदर ही अंदर वर्चस्व का जंग चल रहा है. दोनों जनहित के कार्य को लेकर अड़े हुए हैं और जन प्रभावित हो रहे हैं.
गड़बड़ी है, तो जांच करायें, विकास में बाधक न बनें : सुदर्शन
गुमला दौरे पर सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि हीरादह पर्यटन स्थल है. अंतरराजकीय मार्ग भी है. पड़ोस में छत्तीसगढ़ राज्य है. इस क्षेत्र के विकास के लिए व दो राज्यों को जोड़ने के लिए हीरादह में पुल बनना चाहिए. इस क्षेत्र की जनता विकास चाहती है. अगर गड़बड़ी है तो जांच करायें. विकास के काम में बाधक न बनें. जहां पुल बन रहा है, वह गुमला जिला का अंतिम छोर है. उक्त पुल का शिलान्यास खुद मुझे करना था. लेकिन पंचायत चुनाव के कारण आचार संहिता लगने के बाद शिलान्यास नहीं कर सका. लोगों के हित में काम हो. विसंगति है तो उसे दूर करें.
इंजीनियर ही पुल का कार्य शुरू करायेंगे : शिवशंकर
विधायक शिवशंकर उरांव ने प्रभात खबर से बात करते हुए कहा कि मैं पुल का काम शुरू नहीं कराऊंगा. डीपीआर मांगा है, अभी तक नहीं मिला है. 10 जनवरी को चीफ इंजीनियर आनेवाले थे. लेकिन वे पुल निर्माण स्थल पर नहीं पहुंचे. सांगठनिक चुनाव होने के कारण मैं भी व्यस्त रहा हूं. पुल का काम शुरू हो, इस प्रकार का आदेश देनेवाला मैं कौन हूं. चीफ इंजीनियर ही अब पुल का काम शुरू करने के लिए आदेश दे सकते हैं. मैं पुल का काम शुरू करने के लिए नहीं कह सकता.
जनहित में पुल का निर्माण कार्य शुरू करायें: कमलेश
गुमला विधानसभा के भाजपा के पूर्व विधायक कमलेश उरांव ने कहा कि हीरादह में पुल बनना चाहिए. यह हीरादह ही नहीं आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण पुल है. पुल बनेगा तो छत्तीसगढ़ राज्य को भी फायदा होगा. दोनों राज्यों का व्यापारिक संबंध मजबूत होगा. किसान अपने उत्पादित सामान आराम से ले जाकर दोनों राज्यों में खरीद व बेच सकते हैं.
पुल बनने से सिमडेगा जिला भी जुड़ेगा. रामरेखा धाम की दूरी गुमला से कम हो जायेगी. मैं सांसद सह राज्यमंत्री सुदर्शन जी से आग्रह करता हूं कि जनहित में पुल का काम जल्द शुरू करायें.
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