:::: कौशल विकास से 500 लोगों को जोड़ेंगे : जैनन्दू
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Oct 2015 8:08 PM
:::: कौशल विकास से 500 लोगों को जोड़ेंगे : जैनन्दू नेतरहाट से चिंगरी तक सिंग-बोंगा मैराथन दौड़.3 गुम 16 में विजेता को पुरस्कृत करते अतिथिप्रतिनिधि, बिशुनपुर(गुमला)विकास भारती बिशुनपुर द्वारा सिंग-बोंगा मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया. नेतरहाट से चिंगरी तक दौड़ हुआ. इसमें आदिम जनजाति युवा भाग लिये. विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया […]
:::: कौशल विकास से 500 लोगों को जोड़ेंगे : जैनन्दू नेतरहाट से चिंगरी तक सिंग-बोंगा मैराथन दौड़.3 गुम 16 में विजेता को पुरस्कृत करते अतिथिप्रतिनिधि, बिशुनपुर(गुमला)विकास भारती बिशुनपुर द्वारा सिंग-बोंगा मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया. नेतरहाट से चिंगरी तक दौड़ हुआ. इसमें आदिम जनजाति युवा भाग लिये. विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया. मुख्य अतिथि झारखंड राज्य खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष जैनन्दू ने कहा कि विकास भारती सामाजिक समरसता लाने का काम कर रही है. खेलकूद, मैराथन, रोजगार सृजन, सामाजिक जागरूकता जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम चला रहा है, जो पूरे देश में एकलौता है. आज झारखंड में करंज का मधु का सबसे अधिक उत्पादन होता है, जो देश का सबसे अच्छी गुणवत्ता का है. रोजगार के क्षेत्र मे खादी बोर्ड द्वारा विकास भारती के माध्यम से काम करेगा. यहां रोजगार की अपार संभावनाएं हैं. बिशुनपुर में बने जामुन का सिरका, जामुन का चूर्ण, मधु रांची ही नहीं बल्कि दिल्ली के बाजारों में बिक रही है. कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए 500 लोगों को जोड़ा जाएगा. प्रति माह 1500 की छात्रवृत्ति मिलेगी. उनके द्वारा उत्पादित सामान को बाजार उपलब्ध करायेंगे. मौके पर मनिका विधायक हरेकृष्ण सिंह, संयोजक महेंद्र भगत, संजय कुमार, प्रवीण सिंह, पंकज सिंह, कृष्णा सिंह, कमलाकांत पांडे, लालदेव असुर सहित कई लोग थे.आदिम जनजाति नष्ट हो रहे हैं : अशोकविकास भारती के सचिव पदमश्री अशोक भगत ने कहा कि ग्रीन व क्लीन झारखंड व नेतरहाट की खूबसूरत पहाड़ियों में रहनेेवाले आदिम जनजाति के जीवन की रक्षा के लिए बॉक्साइट खदानों के बारे में सोचना होगा. नियम के अनुकूल बॉक्साइट खदानों के मालिक पठार को हरा-भरा करें. आदिम जनजातियों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करें. बॉक्साइट खदानों के कारण जो खेती योग्य जमीन बरबाद हो रही है. उसे रोकने का काम सरकार करें. सरकार यह सुनिश्चित करें कि वन विभाग एवं खदान मालिकों की आपसी सांठगांठ खत्म हो. खदानों के कारण मानव तस्करी भी हो रही है. इससे आदिम जनजाति नष्ट होने के कगार पर है. परंपरागत कौशल का भी विकास करने की जरूरत है. इसीलए युवा आगे आयें. महिला समूह संगठित हों. पेशा एक्ट लागू होगा. तभी अवैध खनन खदानों पर रोक लगेगी. परंपरागत कारीगर चीक बड़ाइक के करघे पुन: चालू किये जायें, ताकि स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू किया जा सके.
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