गुमला में सड़ रही है करोड़ों रुपये की सरकारी गाड़ियां

Updated at : 08 Sep 2019 11:07 PM (IST)
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गुमला में सड़ रही है करोड़ों रुपये की सरकारी गाड़ियां

दुर्जय पासवान, गुमला गुमला जिले में करोड़ों रुपये की सरकारी गाड़ियां सड़ रही हैं. सरकारी आवास व कार्यालय परिसर में खराब हुई गाडि़यां रखे-रखे सड़ गयी हैं. यहां तक कि गुमला जिले के विभिन्न थानों में भी पुलिस द्वारा जब्त की गयी गाड़ियां कबाड़ के रूप में पड़ी हुई है. लेकिन इन गाड़ियों की नीलामी […]

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दुर्जय पासवान, गुमला

गुमला जिले में करोड़ों रुपये की सरकारी गाड़ियां सड़ रही हैं. सरकारी आवास व कार्यालय परिसर में खराब हुई गाडि़यां रखे-रखे सड़ गयी हैं. यहां तक कि गुमला जिले के विभिन्न थानों में भी पुलिस द्वारा जब्त की गयी गाड़ियां कबाड़ के रूप में पड़ी हुई है. लेकिन इन गाड़ियों की नीलामी नहीं की जा रही है. अगर गुमला प्रशासन व पुलिस विभाग इन गाड़ियों की नीलामी करें तो करोड़ों रुपये राजस्व की प्राप्ति होगी.

गाड़ियों की नीलामी से प्राप्त राशि को जनहित व विकास के कार्यो में खर्च किया जा सकता है. जिले के सभी 12 प्रखंड, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, समाज कल्याण विभाग, कल्याण विभाग में सैकड़ों गाड़ी वर्षो से बेकार रखी हुई है. कई गाड़ी के तो टायर व मशीन गायब हो गये हैं. कुछ गाड़ियों का सिर्फ ढांचा बचा है. गुमला जिला मुख्यालय में ही कई ऐसी गाड़ी है जो सरकारी व्यवस्था की पोल खोल रही है.

लाखों की गाड़ी कौड़ी के दाम बिकेगी

गुमला ब्लॉक परिसर में कई सरकारी गाड़ी रखे-रखे बेकार हो गयी. यहां समाज कल्याण विभाग की छह जीप है. बताया जा रहा है कि 20 वर्ष से अधिक से इसी प्रकार गाड़ियां बेकार पड़ी हुई हैं. गाड़ी खराब होने के बाद इसे खड़ा कर दिया गया है. मरम्मत नहीं हुआ. जिस कारण आज लाखों रुपये की गाड़ी सड़ गयी है. अब इस गाड़ी को बेचने से कौड़ी के दाम मिलेंगे.

डीसी ने चिंता जतायी

गुमला डीसी शशि रंजन दो दिन पहले अपने नये कार्यालय से निकलकर पैदल भ्रमण कर रहे थे. तभी उनकी नजर ब्लॉक परिसर में झाड़ियों के बीच पड़े बेकार गाड़ियों पर पड़ी. डीसी ने डीआरडीए निदेशक मोहम्मद हैदर अली से बेकार पड़ी गाड़ियों की जानकारी ली. निदेशक ने बताया कि यह गाड़ी समाज कल्याण विभाग की है. इसपर डीसी ने कहा कि इन गाड़ियों की नीलामी कर दें.

उन्होंने जिस-जिस विभाग की बेकार गाड़ी पड़ी है. उन सभी गाड़ियों की सूची तैयार कर नीलाम करने का निर्देश दिया है. डीसी ने कहा है कि बेकार गाड़ियों के कारण सरकारी भूखंड का भी अतिक्रमण हो रहा है. अगर बेकार गाड़ियों को हटा दिया जाए तो जगह खाली हो जायेगा और उस जगह का उपयोग किसी अच्छे काम में किया जा सकेगा.

थाना में जगह नहीं, जब्त गाड़ी कहां रखेंगे

पहले से जिले के सभी थाना परिसरों में हजारों गाड़ियां पड़ी हुई हैं. पुलिस ने विभिन्न मामलों में इन गाड़ियों को जब्त कर थाना परिसर में यत्र-तत्र रख दिया है. जिस समय गाड़ी जब्त की गयी थी. उस समय गाड़ी या तो नयी थी या फिर कुछ साल तक चली हुई थी. परंतु वर्षो से बेकार रखे रहने के कारण सभी गाड़ी अनुपयोगी हो गयी.

अब सवाल यह है कि अभी सरकार के नये नियम के अनुसार वाहनों की जांच करनी है. जो गाड़ी नियम के विरुद्ध चल रहा है. उसे जब्त करना है और जुर्माना वसूलना है. लेकिन जब्त गाड़ियों को थाना में कहां रखा जायेगा. क्योंकि सभी थाना परिसर में पहले से वाहनों का ठेर लगा हुआ है.

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