गुमला : नियमों को ताक पर पखकर चलाये जा रहे सरकारी वाहन, न नंबर प्‍लेट है, न इंश्योरेंस

Updated at : 06 Sep 2019 9:31 PM (IST)
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गुमला : नियमों को ताक पर पखकर चलाये जा रहे सरकारी वाहन, न नंबर प्‍लेट है, न इंश्योरेंस

दुर्जय पासवान, गुमला गुमला में नियम बनाने वाले ही नियम तोड़ रहे हैं. गुमला में दर्जनों सरकारी वाहन नियम विरुद्ध चल रहे हैं. लेकिन इसे कोई रोकने व टोकने वाला नहीं है. जिले के कई सरकारी वाहनों में नंबर भी नहीं है. बिना नंबर के ही वाहन सड़कों पर सरपट दौड़ रहे हैं. यहां तक […]

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दुर्जय पासवान, गुमला

गुमला में नियम बनाने वाले ही नियम तोड़ रहे हैं. गुमला में दर्जनों सरकारी वाहन नियम विरुद्ध चल रहे हैं. लेकिन इसे कोई रोकने व टोकने वाला नहीं है. जिले के कई सरकारी वाहनों में नंबर भी नहीं है. बिना नंबर के ही वाहन सड़कों पर सरपट दौड़ रहे हैं. यहां तक कि अधिकांश सरकारी वाहनों का इंश्योरेंस व रजिस्ट्रेशन भी नहीं है. फिर भी यह गाड़ी चल रही है. परिवहन विभाग का इस ओर ध्यान भी नहीं है.

जबकि किसी निजी व्यक्ति का वाहन बिना नंबर, इंश्योरेंस व रजिस्ट्रेशन के पकड़ा जा रहा है तो तुरंत उसके ऊपर परिवहन विभाग के अधिकारी कार्रवाई कर रहे हैं. लेकिन दूसरी तरफ परिवहन विभाग के अधिकारी के सामने से नियम विरुद्ध कई सरकारी गाड़ियां निकल रही हैं. परंतु उसपर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.

शुक्रवार को जिले के सभी 12 प्रखंड के बीडीओ व सीओ बैठक में भाग लेने गुमला आये थे. दूसरे विभाग के अधिकारी भी बैठक में भाग लेने पहुंचे थे. सभी अधिकारी सरकारी वाहन से विकास भवन पहुंचे. इसमें कई गाड़ियों में नंबर नहीं था. कुछ वाहन चालकों से बात की गयी तो पता चला कि वाहन का इंश्योरेंस व रजिस्ट्रेशन भी नहीं है. कई वाहनों का इंश्योरेंस फेल हो गया है. वाहन चालकों ने बताया कि अगर कहीं सड़क हादसा होता है तो इसमें चालक की परेशानी बढ़ सकती है. क्योंकि इंश्योरेंस नहीं रहने से हादसे के बाद जो लाभ मिलना चाहिए. वह लाभ नहीं मिल पायेगा.

सरकारी वाहन का हो रहा घरेलू उपयोग

गुमला में कई अधिकारी सरकारी वाहनों का धड़ल्ले से घरेलू उपयोग कर रहे हैं. यहां तक कि गाड़ी में भरे जाने वाला तेल सरकारी राशि से खरीद होती है. लेकिन उसका उपयोग अधिकारी अपने घरेलू काम के लिए कर रहे हैं. कई अधिकारी अपने निजी काम पर वाहनों को अपने पास रखते हैं. घरेलू काम से रांची जाना हो तो भी सरकारी वाहन का ही उपयोग होता है. चालकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि रविवार को भी वाहन को रांची ले जाया जाता है. घर का हर काम सरकारी वाहन से होता है.

कचहरी परिसर घुसना है तो हेलमेट जरूरी

सरकार की कड़ाई के बाद गुमला में परिवहन विभाग ने वाहनों की जांच शुरू कर दी है. लेकिन फिलहाल में कचहरी परिसर के गेट के पास सुबह से लेकर दिन के 12 बजे तक ही वाहनों की जांच हो रही है. हेलमेट पहनने वालों को ही कचहरी परिसर में जाने की अनुमति है. जिसने हेलमेट नहीं पहना हो, उसे कचहरी में घुसने की अनुमति नहीं है.

बिना सीट बेल्ट के वाहन चला रहे चालक

नियम के अनुसार चार पहिया वाहन सीट बेल्ट पहनकर चलाना है. लेकिन गुमला में बिना सीट बेल्ट के सरकारी व गैर सरकारी वाहन चलाये जा रहे हैं. परंतु इसकी जांच अभी तक नहीं हो रही है. शुक्रवार को दर्जनों गाड़ी कचहरी परिसर व विकास भवन में घुसा. लेकिन अधिकांश चालक बिना सीट बेल्ट लगाये हुए पाए गये.

जिला परिवहन पदाधिकारी, गुमला जमाले रजा ने कहा कि सरकारी वाहनों में नेम प्लेट लगाना है या नहीं. इसका गाइड लाइन देखना होगा. अगर नेम प्लेट नहीं लगाना है तो जांच कर कार्रवाई की जायेगी. सरकारी हो या निजी वाहन सभी में नंबर अनिवार्य है. इंश्योरेंस व रजिस्ट्रेशन भी जरूरी है. अगर कोई वाहन नियम विरुद्ध चल रहा है तो जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी.

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