स्कूल की चहारदीवारी नहीं, पास में तालाब से बच्चों को खतरा

यही हाल उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, जगन्नाथपुर का है, जो पथरगामा के बारकोप मोड़ के पास, ठीक फोरलेन सड़क के सामने स्थित है. इस विद्यालय में अब तक चहारदीवारी नहीं बनी है, जिससे बच्चों और शिक्षकों में असुरक्षा का माहौल बना रहता है.
प्रतिनिधि, पथरगामा. सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के लिए भवन, शौचालय आदि का निर्माण तो किया जा रहा है, लेकिन कई विद्यालय अब भी सुरक्षा व्यवस्था से वंचित हैं. प्रखंड के कई विद्यालयों में, जहां स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी बनाई जानी चाहिए, वहां अब तक इसका निर्माण नहीं कराया गया है. यही हाल उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, जगन्नाथपुर का है, जो पथरगामा के बारकोप मोड़ के पास, ठीक फोरलेन सड़क के सामने स्थित है. इस विद्यालय में अब तक चहारदीवारी नहीं बनी है, जिससे बच्चों और शिक्षकों में असुरक्षा का माहौल बना रहता है. विद्यालय परिसर में बच्चे अक्सर इधर-उधर आते-जाते रहते हैं, और ठीक सामने से फोरलेन सड़क गुजरती है, जहां बड़ी और छोटी वाहन तेज रफ्तार से दौड़ती रहती हैं. इस कारण किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी रहती है. विद्यालय में कुल 42 छात्र नामांकित हैं, लेकिन अब भी यह बिना चहारदीवारी के संचालित हो रहा है. बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि मध्यान्ह भोजन और टिफिन ब्रेक के दौरान बच्चों के खेलने के समय सबसे ज्यादा खतरा रहता है. फोरलेन पर तेज रफ्तार में दौड़ती गाड़ियों से हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. फोरलेन के पास ही स्कूल, तेजी से गुजरते हैं वाहन चिंताजनक बात यह भी है कि विद्यालय के सामने फोरलेन पर एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं है, जिससे वाहन अत्यधिक तेज गति से गुजरती रहती हैं. ग्रामीण अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले पर तुरंत गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने मांग की है कि विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द चहारदीवारी का निर्माण कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो. उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय जगरनाथपुर में चहारदीवारी का निर्माण कराया जाना आवश्यक है. फोरलेन निर्माण के पहले विद्यालय गोड्डा पीरपैंती मुख्य मार्ग से दूर था .लेकिन नयी सड़क के निर्माण व चौड़ीकरण के बाद फोरलेन विद्यालय के ठीक सामने आ चुका है. इससे हमेशा दुर्घटना का डर लगा रहता है. विद्यालय में चहारदीवारी नहीं रहने की वजह से मवेशी भी परिसर में प्रवेश करते हैं. शाम होने के बाद बाहरी तत्व परिसर में गंदगी फैलाते हैं . अर्नेश मुर्मू, प्रभारी प्रधानाध्यापक, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय जगरनाथपुर. प्रतिनिधि महागामा महागामा प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मंसूरी टोला लौगांय में चहारदिवारी नहीं रहने के कारण बच्चों के तालाब में डूबने का खतरा बना रहता है. इस संबंध में विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अंजुम आरा ने बताया कि विद्यालय में कक्षा 1 से 5वीं तक में 100 बच्चे नामांकित है. तालाब किनारे विद्यालय रहने व चहारदीवारी नही रहने के कारण हमेशा किसी अनहोनी का आशंका बनी रहती है. विशेष कर बरसात के दिनों में विद्यालय के पीछे पगडंडी नुमा रास्ता और तालाब में जलस्तर बढ़ने के कारण बच्चों को विद्यालय आने में कठिनाई होती है. विद्यालय से सटा तालाब रहने के कारण अभिभावक भी अपने बच्चों के सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते है. ऐसे में विद्यालय अवधि में बच्चों को पढ़ाई कराने के साथ कड़ी निगरानी रखनी पड़ती है. विद्यालय के बच्चों ने बताया कि विद्यालय प्रांगण में शौचालय, पेयजल व हैंड वॉश तक की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में विद्यालय अवधि में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. वही विद्यालय में वर्षों से एक शिक्षिका के भरोसे सौ बच्चों को पढ़ाने का कार्य किया जा रहा है जिससे शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है. विद्यालय परिसर में पेयजल तक की व्यवस्था नही रहने के कारण मध्यान भोजन के बाद बच्चों को दूसरे जगह से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ती है. स्थानीय लोगों ने विद्यालय में चहारदीवारी, शौचालय एवं पेयजल व्यवस्था करने की मांग की है.
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