बिहार के प्रखंड अस्पतालों में भी अब होगा आंख-कान-नाक और गले का इलाज, नीतीश सरकार का फैसला

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 12 Mar 2026 8:57 PM

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सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब प्रखंड स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेत्र और ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती होगी. जिसके लिए 1080 नए पद सृजित किए गए हैं.

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Bihar News: ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब प्रखंड स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में आंख और नाक-कान-गला से जुड़े रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात किए जाएंगे. इसके लिए सरकार ने कुल 1080 नए पदों का सृजन किया है.

सरकार की योजना है कि इन पदों पर जल्द ही विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाए. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है.

प्रखंड अस्पतालों में मिलेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर

इस फैसले के बाद प्रखंड स्तर के अस्पतालों में अब नेत्र रोग विशेषज्ञ और ईएनटी विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे. इससे आंख, नाक, कान और गले से जुड़ी बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही हो सकेगा. यह पहल सरकार की सात निश्चय 3 योजना के तहत की जा रही है. इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाना है.

हर सीएचसी में दो नए पद

सरकार ने राज्य के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रत्येक सीएचसी में दो अतिरिक्त पद सृजित किए हैं. इनमें एक नेत्र रोग विशेषज्ञ और एक ईएनटी विशेषज्ञ का पद शामिल है. राज्य में कुल 534 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं. इसके अलावा छह अन्य सीएचसी को भी इस योजना में शामिल किया गया है. इस तरह कुल 540 केंद्रों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी.

540-540 विशेषज्ञों की होगी नियुक्ति

इस योजना के तहत पूरे राज्य में 540 नेत्र रोग विशेषज्ञ और 540 ईएनटी विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी. यानी कुल मिलाकर 1080 डॉक्टर इन पदों पर तैनात किए जाएंगे. सरकार के अनुसार इन पदों पर नियुक्ति होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को धीरे-धीरे स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा.

हर साल होगा 155 करोड़ से ज्यादा खर्च

इन नए पदों के सृजन पर सरकार को हर साल बड़ा बजट खर्च करना होगा. इस योजना के लिए करीब 155 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक खर्च अनुमानित है. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह निवेश ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी है.

ग्रामीणों को मिलेगा बड़ा लाभ

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस फैसले से ग्रामीण इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. अब आंख, नाक, कान और गले की बीमारी के इलाज के लिए लोगों को जिला मुख्यालय या बड़े शहरों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज मिलने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी. साथ ही मरीजों को जल्दी इलाज भी मिल सकेगा.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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