झारखंड शिक्षक नियुक्ति विवाद: आंकड़ों में अंतर देख भड़का वन मैन कमीशन, सरकार से मांगा जवाब

Published by : Sameer Oraon Updated At : 23 May 2026 8:10 PM

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वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने झारखंड सरकार से मांगा जवाब, Pic Credit- AI Only For Symbolism

Jharkhand Teacher Scam: स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 के नियुक्ति विवाद में वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन के जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने सरकार के आंकड़ों में 693 अभ्यर्थियों के अंतर पर जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 30 मई को होगी. पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.

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रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट

Jharkhand Teacher Scam, रांची : झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 (PGT/TGT) से जुड़े नियुक्ति विवाद पर कड़ा रुख अपनाया है. शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान कमीशन के अध्यक्ष जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों में बड़ी विसंगति (अंतर) पाए जाने पर तीखे सवाल उठाए. उन्होंने सरकार से इस पर लिखित जवाब मांगा है.

शपथ पत्रों में नियुक्तियों की संख्या भिन्न क्यों?

सुनवाई के क्रम में राज्य सरकार की ओर से नियुक्त अभ्यर्थियों का एक विस्तृत डेटा शपथ पत्र के माध्यम से कमीशन के समक्ष प्रस्तुत किया गया. जब आयोग ने इस डेटा का बारीकी से अवलोकन किया, तो सरकारी आंकड़ों में ही बड़ा विरोधाभास सामने आया. ताजा आंकड़ों के अनुसार सरकार के नए शपथ पत्र में 12,739 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का उल्लेख किया गया है. जबकि झारखंड हाईकोर्ट में पहले दायर किए गए शपथ पत्र में यह संख्या केवल 12,046 बताई गई थी. 693 अभ्यर्थियों के अंतर पर गंभीर आपत्ति जताते हुए जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है कि दोनों आंकड़ों में यह भिन्नता क्यों है? कमीशन ने सरकार से पूछा है कि क्या मूल सूची के बाद में कोई अतिरिक्त नियुक्तियां की गईं या फिर सरकारी आंकड़ों में कोई बड़ी मानवीय त्रुटि है.

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प्रार्थी पक्ष को बिंदुवार लिखित आपत्ति दर्ज कराने का निर्देश

कमीशन ने इस विसंगति को देखते हुए प्रार्थी (याचिकाकर्ता) के अधिवक्ता को निर्देश दिया है कि वे सरकार द्वारा प्रस्तुत नए शपथ पत्र और डेटा का गहन अध्ययन करें. इसके बाद वे इस डेटा के आधार पर अपनी बिंदुवार लिखित आपत्ति (Written Objection) आयोग के समक्ष दाखिल करें. मामले की गंभीरता को देखते हुए कमीशन ने अगली सुनवाई की तिथि 30 मई 2026 निर्धारित की है. गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में आयोग ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिया था कि वह 2016 की इस नियुक्ति परीक्षा की पूरी स्टेट मेरिट लिस्ट, चयनित अभ्यर्थियों के नाम, उनके मार्क्स (Marks) और नियुक्ति तिथि सहित सभी आवश्यक और गोपनीय दस्तावेज प्रस्तुत करें.

कैसे हुआ था फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन?

यह पूरा विवाद मीना कुमारी व अन्य द्वारा दायर याचिका (जिसमें कुल 257 मामले शामिल हैं) से जुड़ा है. झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया था. हाईकोर्ट ने कमेटी को निर्देश दिया है कि वह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपे.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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