वोटर लिस्ट से नाम कट गया तो न हों परेशान, जानें आपके पास क्या हैं विकल्प?

Updated at : 12 Mar 2026 8:20 PM (IST)
विज्ञापन
West Bengal SIR do not panic if name deleted from voter list

कोलकाता में वोटर लिस्ट की कॉपी के साथ मतदाता.

West Bengal SIR: बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अगर आपका भी नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या विचाराधीन की श्रेणी में डाल दिया गया है, तो घबराएं नहीं. अभी भी मौका है, आपका नाम फिर से वोटर लिस्ट में शामिल किया जा सकता है. इसके लिए आपको क्या करना है, किससे संपर्क करना है, पूरी जानकारी आपको यहां मिलेगी.

विज्ञापन

West Bengal SIR: सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आपके नाम पर अंतिम फैसला चुनाव आयोग के बाबू नहीं, बल्कि न्यायिक अधिकारी (जज) करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने इस काम के लिए पश्चिम बंगाल के साथ-साथ झारखंड और ओडिशा के लीगल ऑफिसर्स को भी काम पर लगाने के निर्देश दिये हैं. इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है. यदि आपका नाम वोटर लिस्ट (SIR) से कट गया है और अंतिम मतदाता सूची में आपका नाम नहीं है, तो आपके पास क्या रास्ते हैं, यहां जानें. इन 4 चरणों को ध्यान से समझें.

1. न्यायिक अधिकारी का फैसला ही अंतिम

अब तक चुनाव आयोग के अधिकारी तय करते थे कि नाम रहेगा या नहीं. अब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 250 से अधिक न्यायिक अधिकारी (जिला और दीवानी न्यायाधीश) इन दावों का निपटारा कर रहे हैं. अगर जज ने आपके दस्तावेजों को सही मान लिया है, तो आयोग का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उसे बदल नहीं सकेगा.

2. जज का फैसला आपके खिलाफ हो, तो क्या करें?

सुप्रीम कोर्ट ने एक ‘अपीलीय निकाय’ (Appellate Body) गठित करने का निर्देश दिया है. यदि स्थानीय स्तर पर न्यायिक अधिकारी आपका दावा खारिज कर देते हैं, तो आप इस अपीलीय निकाय में गुहार लगा सकते हैं. इसके लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जजों की एक विशेष पीठ सुनवाई करेगी.

3. पोर्टल पर ‘लॉग-इन आईडी’ की नयी सुविधा

अदालत ने आयोग को नये ‘लॉग-इन आईडी’ बनाने को कहा है. इसका मतलब है कि अब आपकी अर्जी पर कार्रवाई तेजी से होगी. आप चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने एप्लीकेशन का स्टेटस चेक कर सकते हैं कि आपकी आईडी जनरेट हुई है या नहीं.

4. दस्तावेजों की जांच में रखें इन बातों का ध्यान

चूंकि 10 लाख से ज्यादा दावों पर सुनवाई हो चुकी है, कोर्ट ने ‘तार्किक विसंगतियों’ पर नरमी बरतने का संकेत दिया है. यदि माता-पिता के नाम की स्पेलिंग में मामूली गलती है या उम्र का अंतर तकनीकी कारणों से है, तो न्यायिक अधिकारी को स्पष्ट रूप से बताएं. वो आपकी बात सुनेंगे और आपके नाम को वोटर लिस्ट में शामिल करने के आदेश देंगे.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

अफवाह पर न दें ध्यान, बीडीओ-एसडीओ कार्यालय जायें

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पश्चिम बंगाल सरकार आपको कानूनी सहायता देने के लिए बाध्य है. इसलिए किसी अफवाह पर ध्यान न दें. न ही हताश होकर कोई गलत कदम उठाएं (जैसा बादुरिया की घटना में हुआ). सुप्रीम कोर्ट स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है. अपने पास आधार कार्ड, पुराना वोटर आईडी और जन्म प्रमाण पत्र तैयार रखें और बीडीओ (BDO) या एसडीओ (SDO) कार्यालय में तैनात न्यायिक अधिकारी से ही संपर्क करें.

इसे भी पढ़ें

उत्तर हावड़ा विधानसभा : SIR में 60,268 मतदाताओं के नाम कटे, क्या कहते हैं नेता?

बंगाल चुनाव 2026: एसआईआर में गायब हो गयीं 33 लाख महिला वोटर, क्या होगा असर?

SIR पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक : न्यायिक अधिकारियों के फैसले की समीक्षा नहीं कर पायेगा चुनाव आयोग, दिये 5 बड़े निर्देश

बंगाल के अधिकारियों को चुनाव आयोग ने धमकाया! ममता बनर्जी का गंभीर आरोप

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola