बहू की हत्या में सास व ननद को आजीवन सश्रम कारावास की सजा
Published by : SANJEET KUMAR Updated At : 21 Jul 2025 11:22 PM
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला
जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम नीरज कुमार विश्वकर्मा की अदालत ने जेल में बंद मां-बेटी मोसमात खैरुन निशा व बीबी अंगुरी को हत्या के एक मामले में दोषी पाकर सजा दी है. न्यायालय ने दोनों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा एवं 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया. जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को छह महीने की सजा अलग से काटनी होगी. दोनों के विरुद्ध हनवारा थाना में नामजद प्राथमिकी सं 18/2022 दर्ज हुआ था. खैरुन निशा गढ़ी तथा बीबी अंगुरी कुशहा की रहनेवाली है. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सूचिका शहनाज बीबी जो खैरुन निशा की बहू थी 25 मार्च 2022 को घर पर थी तथा उसका पति मो हशबुलला कमाने बाहर दूसरे राज्य में गया था. सूचिका के पुत्र की तबीयत बहुत खराब होने पर उसने बच्चे को डाॅक्टर को दिखाने हेतु अपनी सास खैरुन निशा से पैसे की मांग की तो, उसकी सास झगड़ा करने लगी. उसकी ननद बीबी अंगुरी जो अपने ससुराल कुशाहा से चार दिन पहले आयी थी, उसने भी अपनी मां खैरुन निशा के साथ मिलकर मारपीट की और आरोप है कि दोनों ने उसकी जलाकर हत्या कर दी. हो-हल्ला करने पर दौड़े लोगों ने शहनाज बीबी को अस्पताल लाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी. दोनों मां बेटी 10 अक्टूबर 2022 से जेल में हैं. पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में घटना सत्य पाकर दोनों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दिया. संज्ञान लेने के बाद मामला सत्र वाद 20/23 में तब्दील हुआ. न्यायालय में कुल दस गवाहों की हुई गवाही के आधार पर कोर्ट ने उक्त फैसला सुनाया.
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