बिजली कटौती से जीना मुहाल, कई मुहल्लों में हर दिन बन रही है ब्लैक आउट की स्थिति

Edited by SANJEET KUMAR
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-जिले में विद्युत वितरण व्यवस्था का बुरा हाल, रतजगा करने को विवश हो रहे हैं लोग

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गोड्डा जिले में विद्युत वितरण व्यवस्था का बुरा हाल है. गोड्डा में हर दिन ब्लैक आउट की स्थिति बन रही है. मुहल्ले घंटों अंधकार में डूब रहते हैं. प्रत्येक दिन की यही स्थिति है. जिला मुख्यालय में हर दिन बिजली के लिए हायतौबा मच रहा है. बिजली कटौती से जीना मुहाल हो गया है. बिजली के अभाव में लोग रतजगा करने को विवश हो रहे हैं. बुधवार को भी शहरी क्षेत्र में बिजली के लिए परेशानी देखी गयी. शाम होते ही पावर कट की समस्या शुरू हो गयी, जो दूसरे दिन तक रही. बुधवार को तो और भी बुरा हाल रहा. जानकारी के अनुसार बुधवार को मात्र 14 मेगावाट बिजली मिली थी, जिससे एक साथ कई फीडरों को आपूर्ति नहीं किया जा सका. फलत: लोड शेडिंग के आधार पर बिजली की आपूर्ति की गयी. इसका परिणाम यह हुआ कि लोगों को रतजगा करना पड़ा. सही तरीके से बिजली नहीं मिली. रोटेशन के आधार पर आपूर्ति दी गयी, जिसका रोना कई मुहल्ले के लोगों ने रोया. शहर के कई मुहल्ले अंधकार में डूबे रहे और ब्लैक आउट जैसी स्थिति रही.

गोड्डा को 25 मेगावाट की जगह सिर्फ 12-14 मेगावाट ही हो रही आपूर्ति

लोड शेडिंग के कारण पावर की कटौती है. श्रीपुर ग्रिड से ही जिला मुख्यालय को प्रतिबंधित बिजली मिल रही है. इसमें बंटवारा करना पड़ रहा है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हर दिन शहर के पांच 11 केवीए के फीडर सहित 33 केवीए के दो आउट गोईंग फीडर पोड़ैयाहाट व सुंदरपहाड़ी को चलाने के लिए कम से कम 25 मेगावाट की आवश्यकता होती हैं. अभी नया सदर अस्पताल का भी 11 केवीए का नया फीडर खींचा गया है. ऐसे में श्रीपुर ग्रिड से विभाग को केवल 14 मेगावाट ही बिजली मिल रही है. इससे लोड शेडिंग की भारी समस्या उत्पन्न हो गयी है, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है. लोग गर्मी से परेशान हैं. बिजली कटौती ने उस पर जीना मुहाल कर दिया है. दूसरा मरम्मती के कारण भी घंटों बिजली कटी रहती है. प्रत्येक दिन पूरे फीडरों में कम से 10-11 कॉल बनाये जा रहे हैं. यदि एक कॉल पर आधे घंटे भी बिजली कट रही है, तो पावर कटौती के हश्र का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है.

पहले तेनुघाट के एक यूनिट फेल होने से थी परेशानी

कुछ दिनों पहले भी पावर कट की समस्या बढ़ गयी थी. तेनुधाट का एक यूनिट बिजली पैदा नहीं कर पा रहा था. फलत: पूरे राज्य में लोड शेडिंग था. इसका दंश जिलेवासियों को भी झेलना पड रहा था. हालांकि तभी मौसम साथ दे रहा था. गर्मी का यह आलम नहीं था. लेकिन इधर हाल के दिनों में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है. ऐसे में बिजली के लिए हायतौबा मचना आवश्यक है. गर्मी में दिन में तो जैसे-तैसे लोगों की दिनचर्या बीत जाती है, लेकिन जैसे ही शाम के बाद रात होती है, पावर कट बढ़ जाता है. शाम में पिक आवर में तो और भी परेशानी बढ़ जाती है. जब तक सुचारू रूप से व फुल लोड बिजली की आपूर्ति गोड्डा पीएसएस को नहीं हो जाती है, तब तक कम से कम इस परेशानी से निजात मिलना मुश्किल है. विभाग के अधिकारी कम बिजली आपूर्ति का रोना रो रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल नहीं की जाती है, तब तक लोड शेडिंग की समस्या बनी रहेगी.

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