बच्चों को पठन-पाठन के लिए करें प्रेरित, बाल श्रम कराना कानूनी अपराध : डालसा

Edited by SANJEET KUMAR
Updated:
विज्ञापन

बाल श्रम की रोकथाम को लेकर जन जागरुकता की जरूरत

विज्ञापन

गोड्डा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार एवं सचिव दीपक कुमार के निर्देश में शनिवार को पीएमश्री मध्य विद्यालय, गोड्डा (बालक) के सभागार में विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान डालसा की टीम ने बाल मजदूरी, बाल व नशा उन्मूलन, पॉक्सो सहित विविध जानकारी दी. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से गठित टीम में शामिल मीडिएटर दिलीप कुमार झा, अधिकार मित्र नवीन कुमार, मो. हसीब आदि ने बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. कहा कि बाल मजदूरी अभिशाप है और बच्चों से मजदूरी करवाना पाप है. सरकार हर हाथ में किताब देखना चाहती है, न कि फावड़ा और कुदाल. कहा कि बाल श्रम की रोकथाम को लेकर जन जागरुकता की जरुरत है. कहा कि अभिभावकों का यह दायित्व है कि बच्चों का स्कूल आने-जाने के दौरान विशेष ध्यान दें. साथ ही शिविर में शादी की उम्र की भी जानकारी दी गयी. बताया गया कि लड़कों को 21 से पूर्व शादी नहीं करनी है. वहीं लड़कियों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष रखी गयी है. इस उम्र के पूर्व शादी करना या कराना कानूनन अपराध है. इस संबंध में विशेष जन जागरुकता की जरुरत है. इस दौरान पॉक्सो पर भी विशेष जानकारी दी गयी. वहीं विद्यालय के प्राचार्य राजेन्द्र कुमार झा, मौसम ठाकुर, मुनिता कुमारी, इनाउल हक आदि शिक्षकों ने भी विचार व्यक्त किये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANJEET KUMAR

लेखक के बारे में

By SANJEET KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola