मेहरमा में सरकारी पुल बंद करने से खेतों में भरा पानी

धान की रोपनी ठप, किसान आर्थिक संकट में, सीओ ने दिये जांच के निर्देश
मेहरमा प्रखंड अंतर्गत धनकुढ़ीया गांव में कुछ दबंगों द्वारा तीन सरकारी पुलों को मिट्टी से भरकर अवरुद्ध कर देने से दर्जनों किसानों की उपजाऊ भूमि जलमग्न हो गयी है. लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो गया है, जिससे धान की रोपनी पूरी तरह ठप हो गयी है. स्थानीय किसानों का कहना है कि तीनों पुलों के बंद हो जाने से बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है, जिससे करीब दस बीघा से अधिक खेत डूब गये हैं. किसान शिवपुजन यादव ने बताया कि उनका लगभग पांच बीघा खेत पूरी तरह जलमग्न हो चुका है और यदि शीघ्र पानी की निकासी नहीं हुई तो इस बार धान की फसल बो पाना संभव नहीं होगा. किसान मनीत यादव ने भी इसी तरह की स्थिति की पुष्टि की है. ग्रामीणों ने जब इस मामले की शिकायत अंचल अधिकारी मेहरमा, मदन मोहली से की, तो उनके निर्देश पर सीआई चंदेश्वरी मेहरा एवं राजस्व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. सीओ मदन मोहली ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा, ताकि किसानों की खेती प्रभावित न हो. किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब पुलों से मिट्टी हटवाई जाये, जिससे जलनिकासी की सुविधा बहाल हो और वे समय पर खेती कर सकें.
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