मोटर वाहन दुघर्टना के क्लेम में पुलिस पदाधिकारियों की भूमिका अहम

Updated at : 23 Mar 2025 11:30 PM (IST)
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मोटर वाहन दुघर्टना के क्लेम में पुलिस पदाधिकारियों की भूमिका अहम

मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्युनल को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला में बोलें न्यायिक अधिकारी

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डीएलएसए की ओर से रविवार को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित पुस्तकालय सभागार में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से संबंधित जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था. कार्यशाला का उद्धाटन जिला जज द्वितीय निरूपम कुमार, जिला जज तृतीय रिचा श्रीवास्तव, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्जुन साव, जिला विधिक सेवा प्राधिकारण के सचिव रेमी प्रफुल्ल बा, रजिस्टार सतीश कुमार मुंडा, एसीजेएम प्रताप चंद्रा, डीएसपी जेपीएन चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निरुपम कुमार ने कहा कि मोटर दुघर्टना क्लेम के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का अनुशरण करने की जरूरत है. नये प्रावधान के तहत अब मोटर वाहन दुघर्टना के क्लेम में पुलिस पदाधिकारियों की भूमिका अहम हो गयी है. नये प्रोविजन के अनुरूप दुर्घटना के 48 घंटे के भीतर आइओ द्वारा ट्रिब्यूनल रिपोर्ट सौंपना है. दुघर्टना के बाद से ही प्राथमिकी दर्ज करने के समय से ही इस प्रपत्र को भरने से संबंधित सभी प्रकार की सूचना एकत्रित करने के प्रति गंभीर रहें. घटना से संबंधित सभी पक्षों का माेबाइल नंबर भी लें. यदि वाहन का इंश्योरेंस नहीं है, तो तीन महीने के अंदर उसकी नीलामी करते हुए मुआवजे का भुगतान करायें. घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर के पूर्व अस्पताल पहुंचाने वाले को सम्मानित करने के प्रति भी एक माहौल बनाने की जरूरत है. यह मानवीय संवेदना है कि घायल की जान बचायी जाये. समय सीमा के अंदर क्लेम मिल जाये, इसके लिए जरूरी है कि इसमें सभी प्रकार की सूचनाओं का समावेश हो.

घायल को गोल्डन आवर में हर हाल में पहुंचायें अस्पताल

जिला जज तृतीय रिचा श्रीवास्तव ने मोटर वाहन दुघर्टना क्लेम से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी. कहा कि मोटर दुघर्टना की स्थिति में मानवीय संवेदना के आधार पर भी कदम उठाने की जरुरत है. जिस जगह पर दुर्घटन हाेती है, वहां से गोल्डन आवर में घायल को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए सकारात्मक पहल की जरूरत है, ताकि अपने वाहन से अस्पताल तक पहुंचाने में परेशानी व भय का वातावरण समाप्त हो. मुख्य दंडाधिकारी अर्जुन साव, डीएसपी जेपीएन चौधरी, चिकित्सा प्रभारी डॉ. आकाश कुमार आदि ने भी विचार व्यक्त किये. कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्राधिकरण के प्रभारी सचिव रेमी प्रफुल्ल बा कर रहे थे. मौके पर विभिन्न थाना के पुलिस निरीक्षक, थाना प्रभारी, आइओ, पैनल अधिवक्ता, एलएडीसी, मध्यस्थ, पीएलवी व कर्मी उपस्थित थे.

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