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मांस-मछली मंडी और सब्जी बाजार के कचरे से त्रस्त है स्कूल परिसर

Updated at : 23 Aug 2025 12:09 AM (IST)
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मांस-मछली मंडी और सब्जी बाजार के कचरे से त्रस्त है स्कूल परिसर

पीएम श्री मध्य विद्यालय के पीछे गंदगी का साम्राज्य, विद्यालय के मुख्य द्वार पर अवैध दुकानें, छात्राएं असहज

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गोड्डा शहर के हृदयस्थल में स्थित पीएम श्री मध्य विद्यालय, बालक गोड्डा, वर्षों से नारकीय हालात का सामना कर रहा है. गांधी मैदान और मेला मैदान के बीच स्थित इस विद्यालय में कुल 676 विद्यार्थी नामांकित हैं, जहां कक्षा पहली से आठवीं तक की पढ़ाई होती है. किंतु दुर्भाग्यवश, ये बच्चे शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ हर दिन गंदगी, बदबू और बीमारी से भी जूझने को विवश हैं. विद्यालय के ठीक पीछे स्थित मांस और मछली मंडी में प्रतिदिन बकरे, मुर्गे और मछलियां काटी जाती हैं. उनके अवशेष जैसे पंख और चमड़े को स्कूल के ठीक पीछे एक तालाबनुमा गड्ढे में फेंका जाता है, जिससे काफी दुर्गंध फैल रही है. इसके अतिरिक्त, पास ही स्थित गुदड़ी बाजार की सब्ज़ी मंडी का कचरा भी इसी स्थान पर फेंका जाता है. स्कूल जाने वाली मुख्य सड़क के दोनों ओर कचरे में सूअरों का जमावड़ा है, जो स्थिति को और भी भयावह बना रहा है. उत्तर दिशा में भी कचरे का अंबार लगा हुआ है. कचरे और कीचड़ की वजह से मुख्य मार्ग दलदल में बदल गया है, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है. वहीं विद्यालय के मुख्य द्वार के पास अवैध रूप से संचालित चाय-पान, नाश्ता, सिगरेट और गुटखे की दुकानों की भरमार है. यह क्षेत्र ना केवल असुरक्षित हो गया है, बल्कि छात्राओं के लिए अपमानजनक स्थितियां भी उत्पन्न हो रही है.

बच्चों की सेहत पर गहराता संकट

इस गंदगी के बीच बच्चे प्रतिदिन खेलते हैं और मिड-डे मील भी इसी वातावरण में खाने को मजबूर हैं. बरसात के मौसम में यह समस्या और भी विकराल हो जाती है. मलेरिया, डेंगू, कालाजार, डायरिया, पेचिश, मेनिन्जाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है. शिक्षक और विद्यार्थी अक्सर नाक पर रूमाल रखकर पढ़ाई करते हैं. गंदगी कोई एक दिन की समस्या नहीं है. यह स्थिति वर्षों से बनी हुई है, परंतु न तो नगर परिषद और न ही जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है. हर माह लाखों रुपये सफाई के नाम पर खर्च किये जाते हैं, किंतु जमीनी स्थिति जस की तस बनी हुई है. हाट और मंडियों की सफाई के लिए टेंडर भी जारी किये गये हैं और अतिरिक्त कर भी वसूला जा रहा है. इसके बावजूद, सफाई के नाम पर न केवल लापरवाही बरती जा रही है, बल्कि बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

इस मुद्दे पर गोड्डा के वरिष्ठ अधिवक्ता क्रांतिधर सहाय ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन को बच्चों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को गंभीरता से लेना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि मंडी के पास विद्यालय के साथ-साथ रिहायशी इलाका भी स्थित है, जिससे आम नागरिकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है.कोट

विद्यालय में फैली गंदगी का बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है. कई बार इस समस्या को संबंधित विभाग के समक्ष रखा गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

-राजेन्द्र कुमार झा, प्रभारी प्रधानाध्यापक

मंडी के दुकानदारों को कचरा फेंकने से मना किया गया है. लगातार निगरानी की जा रही है और उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान भी है. विद्यालय के समीप की स्थिति पर ध्यान दिया जाएगा.

अरविंद प्रसाद अग्रवाल, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषदB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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