अंगिका को मिले द्वितीय राजभाषा का दर्जा: अशोक भगत

प्रतिनिधि, हनवारामहगामा विधायक अशोक भगत ने अंगिका भाषा को राज्य की दूसरी भाषा का दर्जा देने की मांग की है. श्री भगत ने इस बाबत मुख्यमंत्री रघुवर दास के नाम एक ज्ञापन सौंपा है. सौंपे गये आवेदन में इस बात का भी जिक्र किया है कि झारखंड के हर एक जिले में यह भाषा बोली […]
प्रतिनिधि, हनवारामहगामा विधायक अशोक भगत ने अंगिका भाषा को राज्य की दूसरी भाषा का दर्जा देने की मांग की है. श्री भगत ने इस बाबत मुख्यमंत्री रघुवर दास के नाम एक ज्ञापन सौंपा है. सौंपे गये आवेदन में इस बात का भी जिक्र किया है कि झारखंड के हर एक जिले में यह भाषा बोली जाती है. साथ ही इस बात का जिक्र भी किया है कि 19 दिसंबर 2013 को विधानसभा में अंगिका, मगही, भोजपुरी व मैथिली को द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने की मांग उठी थी. लेकिन कुछ भाषाओं को छोड़ कर अंगिका भाषा की चर्चा नहीं हो रही है. बताया कि यह भाषा संताल परगना सहित अन्य प्रमंडलों में बोली जाती है. अंगिका को द्वितीय राजभाषा बनाने की मांग पूर्व से उठती रही है. इसलिए सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. कहा कि अभी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है बाद में विस में भी उठायेंगे मांग.
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