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Giridih News: गांडेय के जंगल में रहा था साइबर ठगी का काला कारोबार, पुलिस ने तीन को दबोचा

Updated at : 30 Dec 2025 10:20 PM (IST)
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Giridih News: गांडेय के जंगल में रहा था साइबर ठगी का काला कारोबार, पुलिस ने तीन को दबोचा

Giridih News:गिरिडीह जिले की साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने ऐसे तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने साइबर ठगी के जरिए लाखों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की थी. तीनों अपराधियों को गांडेय थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है.

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एसपी डॉ विमल कुमार ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल से सूचना मिली कि गांडेय थाना क्षेत्र के कछले गांव स्थित तेलखरी जंगल के आसपास कुछ साइबर अपराधी बैठकर लगातार लोगों से साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. इसके बाद साइबर डीएसपी आबिद खान के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. इसके बाद दबिश देकर तीनों अपराधियों को पकड़ लिया गया. साइबर अपराधियों की पहचान गांडेय थाना क्षेत्र के धरलट्टो गांव निवासी अजीज अंसारी के 25 वर्षीय पुत्र खुर्शीद अंसारी, देवघर जिला अंतर्गत पथरोल थाना क्षेत्र के चेतनारी गांव निवासी कियामुद्दीन अंसारी के 25 वर्षीय पुत्र आलमगीर अंसारी और सारठ थाना क्षेत्र के पिंडारी गांव निवासी स्वर्गीय मकबूल मियां के 25 वर्षीय पुत्र मोहम्मद शराफ़त अंसारी के रूप में की गयी है. एसपी ने बताया कि तीनों आरोपी लंबे समय से साइबर अपराध में संलिप्त थे और ठगी के जरिए लाखों रुपये की अवैध कमाई कर चुके हैं.

गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर और ओटीपी-एप लिंक के जरिए लोगों को बनाते थे शिकार

गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि गूगल सर्च इंजन पर अपने फर्जी मोबाइल नंबरों को विभिन्न नामी-गिरामी सेवाओं के कस्टमर केयर नंबर के रूप में दिखाते थे. इनमें फोनपे कस्टमर केयर, फोनपे डेबिट कस्टमर केयर, सैमसंग सर्विस सेंटर, एसी सर्विस, पेटीएम सर्विस, गीजर इंस्टॉलेशन सर्विस सहित कई अन्य सेवाओं के नाम शामिल होते थे. जब कोई आम नागरिक इन सेवाओं से संबंधित किसी समस्या के समाधान के कॉल करता था, तो उन्हें ये अपना शिकार बनाते थे. इसके अलावा फर्जी एपीके फाइल और लिंक भेजने के साथ तमाम तरीकों से ठगी को अंजाम देते थे.

कई राज्यों में दर्ज हैं केस

आरोपी लंबे समय से सुनियोजित तरीके से साइबर अपराध को अंजाम दे रहे थे और अलग-अलग राज्यों में भी इनकी गतिविधियां फैली हुई थीं. आरोपी शराफत अंसारी 2021 में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला अंतर्गत सरकंडा थाना में दर्ज साइबर ठगी के एक मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है. इसके अलावा उत्तराखंड के रुद्रपुर थाना में भी साइबर ठगी से संबंधित एक ऑनलाइन शिकायत उसके ऊपर दर्ज है. एसपी ने बताया कि शराफत ठगी के जरिए करीब 60 लाख रुपये की अवैध कमाई की है. वहीं आलमगीर अंसारी ने बीते लगभग पांच वर्षों के दौरान साइबर ठगी की विभिन्न घटनाओं को अंजाम देकर करीब 25 लाख रुपये की अवैध राशि अर्जित की है. सभी के बैंक खातों, मोबाइल फोन और डिजिटल लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है.

साइबर ठगी में प्रयुक्त सामग्री बरामद

छापामारी टीम में साइबर डीएसपी आबिद खान के अलावा साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत, एसआई गुंजन कुमार, एसआई राम प्रवेश यादव, एएसआई संजय कुमार मुखियार, हवलदार अमरनाथ प्रसाद, आरक्षी संदीप कुमार वर्मा सहित पुलिस केंद्र, गिरिडीह से प्रतिनियुक्त सशस्त्र बल के जवान भी शामिल थे. छापेमारी के दौरान आठ मोबाइल फोन, दस सिम कार्ड, दो बाइक, दो एटीएम कार्ड, एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड तथा एक ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MAYANK TIWARI

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By MAYANK TIWARI

MAYANK TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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