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विवाहिता की हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज, आरोपी पिता को भेजा जेल

Updated at : 28 Jul 2024 11:15 PM (IST)
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विवाहिता की हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज, आरोपी पिता को भेजा जेल

बताया जाता है कि घटना से पूर्व पिता प्रभुनाथ सिंह व पुत्री मंजू देवी (45) में मारपीट हुई थी. मारपीट के बाद पिता ने धारदार हथियार से काटकर बेटी की हत्या कर दी.

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देवरी थाना क्षेत्र के कोसोगोंदोदिघी पंचायत के महेशियादिघी में 45 वर्षीय विवाहिता मंजू देवी की हत्या के मामले में चौकीदार चंदन पासवान की शिकायत पर देवरी थाना में कांड संख्या 64/24 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. आरोपी पिता प्रभुनाथ सिंह पर धारदार हथियार (कत्ता) से मारकर हत्या कर देने का आरोप है. इधर इस मामले में आरोपी प्रभुनाथ सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. देवरी के थाना प्रभारी सोनू कुमार साहू ने इसकी पुष्टी करते हुए बताया कि चौकीदार के आवेदन पर मुकदमा दर्ज आरोपी प्रभुनाथ सिंह को जेल भेज दिया गया है. मृतका के परिजन को सूचना दी गयी है. उनके पहुंचने पर विस्तृत जानकारी ली जायेगी.

हत्या के पूर्व पिता व पुत्री के बीच हुई थी मारपीट

देवरी थानांतर्गत महेशियादिघी गांव में पिता द्वारा अपनी बेटी की हत्या के मामले में कई नये तथ्य सामने आ रहे हैं. बताया जाता है कि घटना से पूर्व पिता प्रभुनाथ सिंह व पुत्री मंजू देवी (45) में मारपीट हुई थी. मारपीट के बाद पिता ने धारदार हथियार से काटकर बेटी की हत्या कर दी.

हत्या के बाद हथियार को शौचालय की छत पर रख दिया :

जानकारी के मुताबिक वारदात को अंजाम देने से पूर्व शाम में भी दोनों में कहासुनी हुई थी. इसके बाद मंजू अपने घर से निकलकर चली गयी. उसके लौटते ही पिता से दुबारा कहासुनी हुई. विवाद बढ़ गया और दोनों में मारपीट होने लगी. प्रभुनाथ ने बताया कि मारपीट में उसकी बेटी हावी हो रही थी. बेटी की पिटाई से क्रुद्ध हो उसने शौचालय की छत पर रखे हथियार से मंजू की गर्दन पर वार कर दिया. इसके बाद मंजू जमीन पर गिर गयी. जमीन पर गिरने पर दो बार और वार किया. उसकी मौत होने के बाद हथियार शौचालय की छत पर रख दिया और बाद में पुलिस को सौंप दिया गया.

विवाद एक दिन का नहीं था :

जानकारी के मुताबिक प्रभुनाथ सिंह व उसकी बेटी मंजू देवी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ देवरी थाना में मुकदमा भी दर्ज करवाया गया था. प्रभुनाथ अपनी बेटी को महेशियादिघी में नहीं रहना देना चाहता था, जबकि मंजू देवी अपने पिता की संपत्ति पर दावा भी कर रही थी. संपत्ति विवाद को लेकर कई बार पंचायत भी हुई थी. पंचायत में मंजू को रहने के लिए एक कमरा दिया गया था. मंजू को यह सूचना मिली थी कि उसका पिता महेशियादिघी के घर को बेचकर दूसरी जगह जाने की फिराक में है. सूचना पर वह 11 जुलाई को सूरत से महेशियादिघी पहुंच गयी.

राशन व पेंशन ही प्रभुनाथ का सहारा :

बेटी की हत्या के बाद सुर्खियों में आया प्रभुनाथ का जीवन तंगहाली में था. वह अकेला ही गांव में रहता था. पूर्व में वह ट्रक ड्राइवर था, पर उम्र बढ़ने के कारण उसने ड्राइविंग छोड़ दी थी. 15 वर्ष पूर्व पत्नी की मौत के बाद से पीडीएस से का राशन व वृद्धा पेंशन से उसका गुजर-बसर चल रहा था. विदित हो कि पिछले शनिवार की सुबह मंजू का शव आंगन में पड़ा मिला था. सूचना पर देवरी थाना की पुलिस पहुंची, तो प्रभुनाथ ने बताया कि उसने ही बेटी की हत्या काटकर कर दी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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