Giridih News: केआइटी में शांति व्यवस्था बहाल रखने को ले दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त

Updated at : 25 Mar 2025 11:48 PM (IST)
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Giridih News: केआइटी में शांति व्यवस्था बहाल रखने को ले दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त

Giridih News: खंडोली इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी (केआइटी) में प्रबंधन को लेकर हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक बार फिर केआइटी परिसर में सोमवार को हो हंगामा हुआ. हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची और मामले को शांत कराया. वहीं शांति व्यवस्था बहाल रखने के लिए गिरिडीह सदर के अनुमंडल पदाधिकारी ने बेंगाबाद के राजस्व उप निरीक्षक अमर किशोर प्रसाद सिन्हा को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त कर दिया है.

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मंगलवार को काफी कम संख्या में छात्र आये. वहीं तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए संस्थान को दो दिनों तक बंद करने की भी नोटिस जारी कर दी गयी है. केआइटी के प्रभारी प्राचार्य प्रदीप कुमार सिन्हा ने कहा है कि संस्थान को अपरिहार्य कारणों से 25 और 26 मार्च को बंद कर दिया गया है. इधर विवेकानंद एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टी शंभू कुमार सिंह ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा है कि अरविंद कुमार, प्रदीप कुमार सिन्हा, कन्हैया लाल समेत 25-30 अज्ञात व्यक्तियों ने उनके साथ मारपीट की है. साथ ही बताया कि कुछ लोग गेट का ताला तोड़कर संस्थान परिसर के अंदर घुस गये हैं. इतना ही नहीं, प्रदीप कुमार द्वारा मेरे पॉकेट से एक लाख रुपये निकाल लिया गया है और कन्हैया ने 15 ग्राम सोने का चैन छीन लिया. वहीं दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त राजस्व उप निरीक्षक अमर किशोर प्रसाद सिन्हा ने कहा कि मंगलवार को कोई हो हंगामा नहीं हुआ. माहौल बिल्कुल शांत रहा. लेकिन आने वाले दिनों में अशांति फैसल सकती है. कहा कि पूरे मामले से गिरिडीह सदर के अनुमंडल पदाधिकारी व जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है.

बेबुनियाद आरोप लगाकर छात्रों को किया जा रहा है गुमराह : अरविंद

विवेकानंद एजुकेशनल चेरिटेबल ट्रस्ट और केआइटी के अध्यक्ष अरविंद कुमार का कहना है कि दूसरे पक्ष के लोग तमाम गलत आरोपों को लगा रहे हैं और साथ ही छात्रों को गुमराह भी किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की सचिव रानी शुक्ला अपने परिवार के लोगों के साथ परिसर के अंदर रह रही है. लेकिन विपक्षीगण प्रशासन को भी गुमराह कर रहे हैं. कहा कि अब छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने नहीं दिया जायेगा. बताया कि एसडीएम कोर्ट के आदेश से बेंगाबाद के तत्कालीन सीओ को रिसिवर के रूप में बहाल किया गया था. लेकिन उन्होंने एसडीएम के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी और हाईकोर्ट ने एसडीएम कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया. अब वे संस्थान चला रहे हैं. अरविंद ने बताया कि विपक्षी लोग बाधा पहुंचाने का काम कर रहे हैं. जिला प्रशासन सुरक्षा मुहैया करायें.

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MAYANK TIWARI

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