Giridih News: 60-70 हमलावरों ने घर बना रहे लोगों को पीटा, दीवार किया ध्वस्त

Giridih News: सरिया-राजधनवार मुख्य सड़क पर पंदनाखुर्द के पास बुधवार दोपहर लगभग दो बजे अलग-अलग स्कॉर्पियो से आये हमलावरों घर बना रहे लोगों की पिटाई करते हुए दीवार को ध्वस्त कर दी और फरार हो गये. इसके बाद घर बना रहे आक्रोशित लोगों ने घटनास्थल के पास रोड जाम कर दिया.
रोड जाम होने के कारण दोनों ओर बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गयी. छोटे वाहन जैसे-तैसे कच्ची सड़क से निकल गये. सूचना मिलते ही बिरनी थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज घटनास्थल पर पहुंचे और रोड जाम को हटवाने का प्रयास किया, परंतु लोग नहीं मानें. लगभग डेढ़ घंटे के बाद बिरनी के सीओ संदीप मधेशिया और पुलिस इंस्पेक्टर ज्ञानरंजन घटनास्थल पर पहुंचे ओर लोगों से वार्ता की. अधिकारियों ने रोड जाम कर रहे लोगों को दोषियों को खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया.
क्या है मामला
घर बना रहे दीपक मोदी, राधा देवी, पायल देवी, दिनेश मोदी, राजेंद्र मोदी, राजेश मोदी, सतीश मोदी, झरि मोदी, रिंकी देवी, सुमित्रा देवी आदि ने बताया कि सरिया के व्यवसायी श्याम सुंदर बवेजा से जमीन खरीदकर दाखिल-खारिज करवा घर बना रहे हैं. बुधवार की दोपहर लगभग दो बजे बंगाल व बिहार के नंबर प्लेट लगे स्कॉर्पियो वहां आए, उसमें लगभग 60-70 की संख्या में काला कपड़ा पहने महिला पुरुष पहुंचे. उक्त लोगों ने राधा देवी के साथ मारपीट की और घर की दीवार को ध्वस्त करने लगे. इसी बीच दीपक मोदी अपनी मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगा, तो उसका मोबाइल छीन लिया. हो हल्ला होते देख सभी लोग घटना काे अंजाम देकर अपने अपने वाहन से भाग गये.हमलावर बोले- त्रिभुवन ने भेजा है
हमलावर कह रहे थे कि त्रिभुवन मंडल ने उन्हें भेजा है. जमीन पर काम करना बंद कर दो, नहीं तो बड़ी घटना घट सकती है. लोगों ने कहा कि हमलोग किसी तरह से पेट काटकर जमीन खरीद घर बना रहे हैं. आज हमलोगों की जान चली जाती, तो क्या होता. हमलोगों को पुलिस प्रशासन सुरक्षा दे और त्रिभुवन मंडल पर कार्रवाई करे. पुलिस निरीक्षक ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ जांच के बाद विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी. आश्वासन पर दो घंटे के बाद रोड जाम हटा और यातायात चालू हुआ.
झामुमो नेता ने काम करने से मना किया था
बता दें कि सरिया निवासी सह झामुमो जिला उपाध्यक्ष त्रिभुवन मंडल ने 27 मार्च को उक्त जमीन पर काम करने से मना किया था. कहा था कि जिले के आला अधिकारी को आवेदन देकर हमारी जमीन जबरन हड़पने को लेकर शिकायत की गयी है. साथ ही बिरनी के सीओ संदीप मधेशिया से जमीन की मापी कराने की मांग की थी. त्रिभुवन मंडल ने कहा था कि बिरनी के सीओ हमारी जमीन की मापी नहीं करवाा खून-खराबा कराने पर तुले हुए हैं. इसके बाद सातवें दिन घटना घट गई. इधर, आरोपी त्रिभुवन मंडल का कहना है कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं है. आरोप बेबुनियाद हैं.
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