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Giridih News: अवैध क्लिनिक और नशीली दवाइयों का कारोबार करनेवाले फर्जी डॉक्टर को 4.5 साल की सजा, 1.10 लाख जुर्माना

Updated at : 30 Jul 2024 9:54 PM (IST)
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गिरिडीह सिविल कोर्ट

गिरिडीह सिविल कोर्ट

Giridih News: गिरिडीह की अदालत ने नशीली दवाइयों का कारोबार करने के दोषी फर्जी चिकित्सक को साढ़े चार साल की सजा सुनायी गयी है. इसके सजा ही कोर्ट ने एक लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट, ड्रग्स व कॉस्मेटिक एक्ट के तहत सजा सुनायी है.

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Giridih News: गिरिडीह: अवैध क्लिनिक का संचालन कर नशीली दवाइयों का कारोबार करने के मामले में प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत ने हीरोडीह के किमापहरी निवासी जमाल अंसारी को साढ़े चार साल की सजा सुनायी है. साथ ही एक लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. एनडीपीएस एक्ट 22 के तहत एक साल की सजा और 10,000 रुपये जुर्माना और ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक एक्ट के तहत साढ़े तीन साल की सजा के साथ-साथ एक लाख का जुर्माना लगाया गया है. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

अवैध क्लिनिक का करता था संचालन

ये मामला गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के बसकुपाय गांव का है. जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि बसकुपाय गांव में एक अवैध क्लिनिक और दवा दुकान का संचालन किया जा रहा है. सूचना के बाद जमुआ के तत्कालीन प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ बालमुकुंद राय ने 31 जनवरी, 2013 को उक्त क्लिनिक में छापेमारी की और भारी मात्रा में अवैध दवा के साथ-साथ कई उपकरण भी बरामद किये. जांच-पड़ताल में अधिकारियों को जानकारी मिली कि जमाल अंसारी नामक व्यक्ति अवैध क्लिनिक का संचालन कर रहा है. इसके साथ-साथ घर से ही दवाईयां भी अवैध तरीके से बेची जा रही है.

क्लिनिक में नशीली दवाइयों का किया जाता था कारोबार

छापेमारी के दौरान अधिकारियों को जानकारी मिली कि कई अवैध कार्यों का संचालन उक्त क्लिनिक में किया जा रहा था. नशीली दवाईयां भी छापेमारी में बरामद की गयी. सूचना के मुताबिक एक लंबे समय से नशीली दवाईयां उक्त अवैध दवाखाना से बेची जाती थी. साथ ही गर्भपात जैसे अवैध कार्य भी उक्त क्लिनिक में कराया जा रहा था. पूछताछ के क्रम में यह भी स्पष्ट हुआ कि जमाल अंसारी फर्जी डॉक्टर के रूप में क्लिनिक में काम कर रहा था. जब जांच अधिकारियों ने जमाल अंसारी से मेडिकल की डिग्री प्रस्तुत करने को कहा तो वह कोई भी डिग्री दिखा पाने में असफल रहा. छापामारी के बाद हीरोडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी.

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई सुनवाई

इस मामले की सुनवाई प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद की अदालत ने 22 एनडीपीएस एक्ट और ड्रग्स व कॉस्मेटिक एक्ट के तहत मंगलवार को फैसला सुनाया. 22 एनडीपीएस एक्ट के तहत जहां जमाल अंसारी के विरुद्ध एक साल की सजा और दस हजार का जुर्माना लगाया गया. वहीं ड्रग्स और कॉस्मेटिक एक्ट के तहत जमाल के विरुद्ध साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गयी और एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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