Giridih News :दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने चलाया था शोषण, दमन व महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन

Updated at : 29 Mar 2026 10:02 PM (IST)
विज्ञापन
Giridih News :दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने चलाया था शोषण, दमन व महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन

Giridih News :गिरिडीह जिले में शोषण, दमन व महाजनी प्रथा के खिलाफ दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने आंदोलन चलाया था. इस आंदोलन को अभियान का रूप दिया गया, जिसका केंद्र गिरिडीह जिले का पीरटांड़, गांडेय व तिसरी प्रखंड रहा. इसके अलावे गिरिडीह प्रखंड के पश्चिमी भाग से भी आंदोलन शुरू हुआ.

विज्ञापन

यह वह दौर था जब सामंतवादी ताकतें गरीब-गुरबों, आदिवासियों व पिछड़ों पर जुल्म कर रहे थे. इस जुल्म के खिलाफ आरंभिक दौर में सामाजिक आंदोलन चलाये गये. हालांकि, इसमें कई परेशानी आयी. बाद में राजनीतिक रूप से आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया. यही वह वक्त था जब दिशोम गुरु शिबू सोरेन, एके राय व बिनोद बिहारी महतो ने मिलकर चार मार्च 1973 को गिरिडीह जिले में झामुमो की नींव रखी. उस वक्त झामुमो से जुड़े शिवा महतो, अखिलचंद महतो, चुरामन महतो, चंदन किस्कू, सालखन सोरेन आदि नेताओं ने झामुमो की बुनियाद रखने में अपनी भूमिका अदा की. शुरुआत में ग्रामीण इलाकों से संगठन का विस्तार किया गया. संगठन के बूते शोषण व दमन करने वाले ताकतों के खिलाफ लड़ाई शुरू की गयी. यह लड़ाई आसान नहीं थी. फिर भी बुलंद हौसलों के साथ दिशोम गुरु ने लोगों में जागृति लाने के साथ-साथ उन्हें उनकी ताकत का बोध कराया. इसके लिए उन्होंने शिक्षा पर जोर दिया, ताकि लोगों को अपने अधिकार की जानकारी हो.

महाजनी जुल्म व पुलिसिया दमन के खिलाफ भरी थी हुंकार

पीरटांड़ प्रखंड में झामुमो ने महाजनी जुल्म व पुलिसिया दमन के खिलाफ हुंकार भरी थी. दिशोम गुरु इस क्षेत्र में शोषण के खिलाफ लोगों को गोलबंद किया और अधिकार के लिए लड़ाई लड़ने का आह्वान किया. पूर्व में सहम कर रहने वाला आदिवासी समाज व अन्य शोषित वर्ग के लोग धीरे-धीरे अपने अधिकार को लेकर मुखर होने लगे. दिशोम गुरु के नेतृत्व में आदिवासी एकजुट होकर महाजनों व सूदखोरों के खिलाफ लड़ाई लड़ने लगे. आंदोलन के दौरान लंबे समय तक वह भूमिगत भी रहे. इस दौरान उनका डेरा कभी पारसनाथ की तलहटी, तो कभी टुंडी का जंगली क्षेत्र रहा. पीरटांड़ के साथ उन्होंने गांडेय में भी शोषण के खिलाफ कई आंदोलनों को अंजाम तक पहुंचाया. गांडेय के तीनपतली में बैसी (आदिवासियों व शोषित समाज का कोर्ट) चलती थी. कहते हैं कि पीरटांड़, गांडेय व तिसरी गुरुजी की कर्मभूमि रही.

संगठन का होता चला गया विस्तार

तमाम झंझावात के बीच झामुमो का विस्तार होता चला गया. पार्टी गठन के बाद जिले में नेताओं को संगठन विस्तार की जिम्मेदारी मिली. लालू सोरेन पार्टी के पहले जिलाध्यक्ष बने. दिशोम गुरु के निर्देश पर संगठन विस्तार की कवायद तेज हुई. ग्रामीण क्षेत्रों में जुल्म व शोषण के खिलाफ लोगों को संगठन से जोड़ना जाने लगा. इसी कड़ी में शिवा महतो, सालखन सोरेन, जॉन मुर्मू, सुदिव्य कुमार सोनू, पंकज कुमार ताह व संजय सिंह को सांगठनिक कमान की जिम्मेदारी मिली. वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ गिरिडीह शहरी क्षेत्र में झामुमो की पकड़ मजबूत हो गयी है. पूर्व में झामुमो के संगठन से जुड़ने में कई लोग परहेज करते थे. आज परिस्थितियां बदली है और लोगों का झुकाव झामुमो की ओर हो रहा है.

झारखंड अलग राज्य का किया गया शंखनाद

दिशोम गुरु के नेतृत्व में गिरिडीह की धरती से अलग-झारखंड राज्य का शंखनाद किया गया था. कई आंदोलन हुए. रेल रोको अभियान के अलावा जीटी रोड जाम, जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया गया था. पार्टी के कई नेताओं को जेल यात्रा भी करनी पड़ी. अलग राज्य की लड़ाई में झामुमो से जुड़े लगभग दो दर्जन लोग शहीद हुए. झामुमो स्थापना दिवस के मौके पर शहीदों की वेदी पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है.

स्थापना दिवस में खलेगी दिशोम गुरु की कमी

झामुमो स्थापना दिवस में पहली बार दिशोम गुरु नहीं रहेंगे. उनकी कमी खलेगी. गिरिडीह झंडा मैदान में पार्टी के स्थापना दिवस पर दिशोम गुरु की हमेशा उपस्थिति रहती थी. वह जनसमूह को संबोधित करते और सबके लिए शिक्षा जरूरी व हड़िया से दूर रहने की सीख देते थे. आत्मनिर्भर बनने के लिए खेती-बारी पर ध्यान देने पर बल देते थे. झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह कहते हैं कि स्थापना दिवस में दिशोम गुरु की कमी काफी खलेगी. उन्होंने कहा कि 80 के दशक से झंडा मैदान में झामुमो स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित हो रहा है और गुरुजी इस मौके पर आकर हम सबों को सीख देते थे. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु के निधन के कारण इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है.

(सूरज सिन्हा, गिरिडीह)B

विज्ञापन
PRADEEP KUMAR

लेखक के बारे में

By PRADEEP KUMAR

PRADEEP KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola