Giridih News :सरिया शहर से निकला गंदा पानी खेढुआ नदी को कर रहा प्रदूषित
Published by : PRADEEP KUMAR Updated At : 31 May 2026 11:28 PM
Giridih News :सरकार द्वारा नदियों की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं, ताकि नदियों का अस्तित्व बरकरार रहे, जलीय जीव पर मंडरा रहा खतरा दूर हो और वह सुरक्षित रहें तथा लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके. इन योजनाओं में स्वच्छ भारत अभियान, नदी जोड़ो योजना, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, नमामि गंगे, जल जीवन मिशन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि शामिल हैं. इन सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य नदियों की स्वच्छता, सुरक्षा और उनके पर्यावरणीय संतुलन को बनाये रखना है, जिससे नदियों के आसपास के समुदायों को स्वच्छ और स्वस्थ जीवन मिल सके.
इधर, बड़की सरैया नगर पंचायत क्षेत्र के लिए इन योजनाओं की अनदेखी हो रही है. नगर पंचायत के वार्ड नंबर छह, औठ व नौ के घरों तथा शौचालयों से निकलने वाला गंदा पानी काला रोड व कालीमंडा रोड की नालियों से होकर खेढुआ नदी में गिरता है. इससे नदी के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है.
आज तक नहीं बना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
नगर पंचायत के अस्तित्व में आने से लगभग एक दशक पूरे हो गये, परंतु नगर क्षेत्र के गंदे जल के निपटान के लिए अब तक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित नहीं किया जा सका है. बता दें कि बड़की सरैया नगर पंचायत क्षेत्र से सटा मंदरामो (पूर्वी) पंचायत क्षेत्र है, जहां से होकर उत्तर वाहिनी खेढ़ुवा नदी अविरल बह रही है. इसमें सालों भर पानी बहता रहता है. सरिया-अटका मुख्य सड़क पर इस नदी पर पुल भी बना हुआ है. खेढुवा नदी पुल के ठीक उत्तर की ओर नदी का जल प्रवाहित होता है, जहां सरिया नगर पंचायत क्षेत्र, मंदरामो (पूर्वी-पश्चिमी), सरियाखुर्द सहित पंचायत के लोग जाकर प्रतिदिन स्नान करते हैं. अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम भी बना हुआ है. आसपास में यज्ञ, जागरण, एकादशी उद्यापन, विवाह आदि के मौके पर लोग जल यात्रा व कलश पूजन करने के लिए खेढुवा नदी पुल के नीचे लगभग 20-25 गज दूर जाते हैं.
नदी तट पर है शिवशक्ति धाम
इसी नदी तट पर पवित्र तीर्थस्थल शिवशक्ति धाम है, जहां लाखों रुपये की लागत से शिवलिंगाकार मृत्युंजय देवता का शिव मंदिर, शक्ति मंदिर, दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, मनसा मंदिर, काली मंदिर सहित अन्य देवी-देवताओं के मंदिर हैं. लगभग 17 एकड़ में फैले इस धार्मिक स्थल परिसर में बरगद, पीपल जैसे काफी संख्या में छायादार वृक्ष हैं. पर्यटकों के लिए यह क्षेत्र मनमोहक, रमणीक तथा आकर्षण का केंद्र है. मंदिर परिसर में श्रद्धालु तथा पर्यटकों के लिए सामुदायिक भवन भी बनाया गया है. प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उस पवित्र उत्तर वाहिनी खेढ़ुआ नदी में स्नान कर मंदिरों में अपने इष्ट देवताओं की पूजा पाठ कर घंटों विश्राम कर प्रकृति का आनंद लेते हैं. उन्हें भी इस बात की चिंता है कि यदि खेढ़ुआ नदी प्रदूषित हो जायेगा, तो क्या होगा. शिवशक्ति धाम ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष जगदीश मंडल ने बताया कि घरों से निकला अपशिष्ट सीधे खेढ़ुआ नदी में गिराया जा रहा है. वहीं, कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक सहित अन्य अपशिष्ट पदार्थ नदी के किनारे फेंक दिया है. इससे दुर्गंध निकलता है. यही स्थिति रही तो नदी का पानी प्रयोग के लायक नहीं रहेगा. कहा कि लोगों की धार्मिक भावनाओं पर ठेस पहुंच रहा है. नदी का जल दूषित होने के कारण स्थानीय लोगों में आक्रोश है. श्रद्धालुओं का आना कम हो गया है. जलीय जीव पर संकट है. प्रदूषित जल में स्नान करने से चर्म रोग और गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है. ट्रस्ट के सदस्यों ने नगर पंचायत प्रशासन से आग्रह किया है कि शहर से निकलने वाले गंदे पानी के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाये. नहीं तो अन्य कोई वैकल्पिक व्यवस्था करें. खेढ़ुवा नदी बरकरार रहे, अन्यथा ट्रस्ट के लोग गांधीवादी तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करेंगे.
क्या कहते हैं कार्यपालक पदाधिकारी
इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि शहर से निकलने वाले अपशिष्ट जल का निपटान एक बड़ी योजना है. इसके लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की आवश्यकता है. इसका प्रस्ताव विभागीय अधिकारियों को भेजा जायेगा. हालांकि, इन्होंने इसे लंबी प्रक्रिया बताया. कहा कि स्वीकृति मिलने पर जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा.क्या हो सकता है समाधान
बड़की सरैया नगर पंचायत क्षेत्र से निकलने वाला अपशिष्ट जल के निपटान के लिए नाली के अंतिम छोर के पास खेढुआ नदी के किनारे बड़ा सोख्ता बनाया जा सकता है. जहां शहर से निकलने वाला दूषित जल नालियों के माध्यम से उस सोख्ता में गिरेगा. यह सोख्ता दूषित जल नदी सोख लेगा.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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