वसूली को ले नगर आयुक्त ने गठित की कमेटी, आरोपी ही करेंगे जांच, नो पार्किंग जोन से जुर्माने की राशि वसूलने का मामला

Updated at : 17 Oct 2018 7:51 AM (IST)
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वसूली को ले नगर आयुक्त ने गठित की कमेटी, आरोपी ही करेंगे जांच, नो पार्किंग जोन से जुर्माने की राशि वसूलने का मामला

गिरिडीह : नगर निगम के आयुक्त गणेश कुमार ने पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त दोपहिया, तीनपहिया और चार पहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु जांच कमेटी गठित कर दी है. इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है कि पार्किंग जुर्माना वसूली संबंधी उत्पन्न विवाद की विस्तृत जांच करते हुए 23 […]

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गिरिडीह : नगर निगम के आयुक्त गणेश कुमार ने पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त दोपहिया, तीनपहिया और चार पहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु जांच कमेटी गठित कर दी है. इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है कि पार्किंग जुर्माना वसूली संबंधी उत्पन्न विवाद की विस्तृत जांच करते हुए 23 अक्तूबर तक प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश उक्त समिति को दिया गया है.
विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि विभागीय अधिसूचना के आलोक में आउटसोर्सिंग एजेंसी के द्वारा ही होल्डिंग टैक्स या जुर्माने की वसूली की जाती है. इसी के तहत पार्किंग जोन के बंदोबस्तधारी के साथ पार्किंग शुल्क व जुर्माना वसूली हेतु एकरारनामा किया गया है. कहा कि इस मामले में विधिक मंतव्य लेने का निर्णय लिया गया है.
विधिक मंतव्य मिलने के बाद ही अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 405 के आलोक में नगरपालिका मार्ग तकनीकी समिति ने पुलिस अधीक्षक के स्तर से एक पुलिस पदाधिकारी को मनोनीत करने हेतु निगम ने पत्र भी लिखा है.
बता दें कि मामला सुर्खियों में आने के बाद कमेटी तो गठित कर दी गयी है, लेकिन जांच कमेटी में जिन लोगों को शामिल किया गया है, उनमें से कई पर इस साजिश में शामिल होने के आरोप भी हैं. इतना ही नहीं, मामले की जांच के लिए जो आदेश पत्र 2071 दिनांक 15.10.2018 जारी किया गया है, उसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच कमेटी को किन बिंदुओं पर जांच करनी है. सिर्फ समिति को आदेश दिया गया है कि 23 अगस्त 2018 तक नो पार्किंग स्थल विवरण के साथ अपनी रिपोर्ट अधोहस्ताक्षरी को समर्पित करें.
जबकि नो पार्किंग जोन से जुड़े कई आरोप नगर निगम पर लगे हैं. बिना नो पार्किंग जोन चिह्नित किये नो पार्किंग शुल्क की वसूली, पार्किंग शुल्क वसूली के लिए किये गये टेंडर के बाद एकरारनामा के दौरान तेरहवीं शर्त में नो पार्किंग शुल्क वसूली शामिल कर देने, संवेदक को जुर्माना नहीं करने का अधिकार रहने के बाद भी उनसे जुर्माने की राशि वसूलने, बिना जुर्माना शुल्क के निर्धारण के संवेदक द्वारा मनमाना शुल्क वसूलना, बिना एनओसी के बंगाल का टोइंग वाहन का इस्तेमाल गिरिडीह में करने जैसे कई सवाल ऐसे हैं, जिनकी जांच जरूरी है, लेकिन जांच आदेश में इन बिंदुओं का हवाला तक नहीं दिया गया है.
बहरहाल नगर निगम ने इस मामले से पीछा छुड़ाने के लिए आई वाश करने का प्रयास तेज कर दिया गया है, लेकिन इस मामले में चेंबर ऑफ कॉमर्स ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रत्येक बिंदुओं पर जांच के बाद संविदा रद्द करने के साथ दोषी अधिकारियों के विरुध विधि सम्मत कार्रवाई नहीं की गयी तो मामला रांची तक जायेगा.
चेंबर ऑफ कॉमर्स ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
नगर निगम पर सरकारी प्रावधानों की अनदेखी करने और कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए गिरिडीह डिस्ट्रिक्ट चेंबर ऑफ कॉमर्स ने डीसी को ज्ञापन सौंपा है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. चेंबर के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में छोटी-बड़ी दुकान कर अपना व्यवसाय करनेवालों को परेशान किया जा रहा है.
नगर निगम के गलत रवैये के कारण शहर के लोग भी परेशान हैं. शहर के मुख्य मार्ग पर नगर निगम के संवेदक के गुर्गों द्वारा जुर्माने को लेकर दहशत फैलाये जाने के कारण ग्राहकों ने दुकानों में आना कम कर दिया है. नाजायज तरीके से नो पार्किंग जोन से जुर्माने की वसूली की जा रही है.
ज्ञापन में झारखंड नगरपालिका अधिनियम की कई धाराओं का उल्लंघन करने के साथ-साथ झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग द्वारा जारी की गयी अधिसूचना के प्रावधानों का खुलेआम उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. कहा गया है कि एक खास संवेदक को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पूरी साजिश रची गयी. ज्ञापन में उपायुक्त से अनुरोध किया गया है कि पूरे मामले की जांच कराकर विधि सम्मत कार्रवाई की जाये.
जांच कमेटी गठित करेगा बोर्ड : मेयर
गिरिडीह नगर निगम के मेयर सुनील पासवान ने कहा है कि नो पार्किंग जोन से नो पार्किंग शुल्क की वसूली के मामले में नगर निगम बोर्ड भी अपने स्तर से जांच करायेगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए बोर्ड एक कमेटी गठित करेगा और टेंडर प्रकाशन से लेकर टेंडर निष्पादन किये जाने तक के पूरे मामले की जांच करायी जायेगी.
स्पष्ट किया कि संविदा के मामले में यदि कोई गड़बड़ी हुई है और संवेदक द्वारा कोई मनमानी की गयी है तो इसकी जांच कराकर विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी. श्री पासवान ने कहा कि संवेदक को लाभ पहुंचाने का कहीं कोई उद्देश्य नहीं है. जांच के बाद सबकुछ स्पष्ट हो जायेगा, लेकिन कुछ लोग इस मामले में बेवजह राजनीति कर रहे हैं.
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