जिले की विशेष पहचान, पर यात्री सुविधा नगण्य
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Jun 2017 9:01 AM (IST)
विज्ञापन

पूर्व मध्य रेलवे के धनबद मंडल अंतर्गत ग्रैंड कोर्ड लाइन पर स्थित पारसनाथ रेलवे स्टेशन अनुमंडल ही नहीं, बल्कि गिरिडीह जिले में विशेष पहचान रखता है. पारसनाथ पहाड़ जैनियों का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है. इस कारण देश-विदेश से श्रद्धालुओं का यहां आना-जाना लगा रहता है. इसके बावजूद स्टेशन में यात्री सुविधा नगण्य है. निमियाघाट : जैनियों […]
विज्ञापन
पूर्व मध्य रेलवे के धनबद मंडल अंतर्गत ग्रैंड कोर्ड लाइन पर स्थित पारसनाथ रेलवे स्टेशन अनुमंडल ही नहीं, बल्कि गिरिडीह जिले में विशेष पहचान रखता है. पारसनाथ पहाड़ जैनियों का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है. इस कारण देश-विदेश से श्रद्धालुओं का यहां आना-जाना लगा रहता है. इसके बावजूद स्टेशन में यात्री सुविधा नगण्य है.
निमियाघाट : जैनियों का तीर्थस्थल होने के कारण पारसनाथ देश-विदेश में प्रसिद्ध है. यहां के रेलवे स्टेशन में रोजाना हजारों संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है. यहां मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, जनशताब्दी सहित दो दर्जन से अधिक ट्रेनों का अप व डाउन में ठहराव होता है.
स्टेशन की प्रतिदिन आय ढाई लाख रुपये औसत है. बावजूद यहां यात्री सुविधाओं की घोर कमी है.वर्षों पूर्व बने संर्कीण फुट ओवरब्रिज से ही यात्रियों को आना-जाना पड़ता है. इस स्टेशन पर बेरमो, डुमरी, सरिया व गिरिडीह अनुमंडल के अलावे जिले व पड़ोस के गांव से लोग ट्रेन पकड़ने आते हैं.बुजुर्ग व शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को भारी कष्ट झेलना पड़ता है. आसपास के गांवों से आने-जाने वाले ग्रामीण भी इसी फुट ओवरब्रिज सी आते-जाते हैं. स्थानीय रेल प्रबंधक व विभिन्न संगठनों ने वरीय अधिकारियों से ग्रामीणों के लिए चौड़े फुटओवर ब्रिज की मांग करते रहे हैं, लेकिन दिशा में अब तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है.
सुविधा केंद्र का नहीं मिल पाता है लाभ : यात्रियों का कहना है कि फेसिलेशन सेंटर (सुविधा केंद्र) में कार्यरत कर्मी की मर्जी पर फोन रिसीव होता है. ऐसे में ट्रेनों की स्थिति से अवगत होने के लिए अधिकांश यात्रियों को इस सुविधा केंद्र का लाभ नहीं मिल पाता है.
प्रकाश की नहीं है समुचित व्यवस्था : सुबह दस बजे तक ट्रेनों का ठहराव व यात्रियों का भीड़-भाड़ अधिक होती है. ऐसे समय में प्रवेश द्वार पर सब्जी बेचने वालों का कब्जा रहने से यात्रियों को आने-जाने में भारी दिक्कत होती है. स्टेशन के बाहर प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं रहने से इस स्टेशन से आने-जाने वाले यात्रियों की असुरक्षा की भावना बनी रहती है. पारसनाथ के सलाहकार समितियां ने इन समस्याओं का निराकरण करने के लिए धनबाद रेल मंडल को आवेदन देकर इस समस्या से अवगत कराती रही हैं, बावजूद समस्या जस की तस बनी है.
इन ट्रेनों का होता है ठहराव
यहां दिल्ली, नई दिल्ली, हावड़ा, कोलकता, सियालदह, जोधपुर, अमृतसर, अजमेर, भावनगर, गुजरात, रांची, पटना, सहरसा, डेहरी, वाराणसी, मुंबई, शिप्रा, इंदौर, जगन्नाथपुरी आदि स्थानों को जाने वाली व इन स्थानों से आनेवाली 24 अप व 24 डाउन ट्रेनों का ठहराव होता है.
जीआरपी थाना की स्थापना जरूरी
परसनाथ स्टेशन में जीआरपी थाना की स्थापना आवश्यक है. स्टेशन पर आरपीएफ के दो जवान का कैंप स्थित है. परसनाथ स्टेशन पर गाड़ियों के कोच पोजिशन को दर्शाने वाली बाइट बॉक्स तो है,लेकिन यह सभी प्लेटफॉर्म पर काम नहीं कर रहा है. परसनाथ स्टेशन प्लेटफाॅर्म पर कैंटिन सुविधा अबतक यात्रियों को नसीब नहीं हो पायी है.
समय पर कार्य पूरा नहीं होने पर होगी कार्रवाई : बीडीओ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










