उपाध्यक्ष पद के लिए आधा दर्जन से अधिक दावेदारों में बढ़ायी सक्रियता

17 मार्च को पार्षद करेंगे चुनाव, आधा दर्जन से अधिक दावेदारों की चर्चा
17 मार्च को पार्षद करेंगे चुनाव, आधा दर्जन से अधिक दावेदारों की चर्चा जितेंद्र सिंह, गढ़वा नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद अब गढ़वा नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं. नगर परिषद के उपाध्यक्ष का चुनाव 17 मार्च को पार्षदों द्वारा किया जायेगा. चुनाव की तारीख नजदीक आते ही संभावित दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. नगर परिषद के भीतर पार्षदों से संपर्क साधने और समर्थन जुटाने का सिलसिला शुरू हो गया है. संभावित उम्मीदवार अपने-अपने स्तर पर पार्षदों के साथ बैठक कर उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं. नगर परिषद के अंदर और बाहर इस चुनाव को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. अनुमान के अनुसार उपाध्यक्ष पद के लिए करीब आधा दर्जन पार्षद अपनी दावेदारी पेश करने की तैयारी में हैं. वहीं कुछ अन्य पार्षद भी परिस्थितियों को देखते हुए अंतिम समय में मैदान में उतर सकते हैं. ऐसे में उपाध्यक्ष का चुनाव काफी दिलचस्प होने की संभावना जतायी जा रही है. 21 वार्ड पार्षद करेंगे उपाध्यक्ष का चुनाव गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में कुल 21 वार्ड हैं. इन सभी वार्डों से निर्वाचित पार्षद ही उपाध्यक्ष का चुनाव करेंगे. यानी उपाध्यक्ष पद के लिए पार्षदों के बीच ही मतदान होगा. ऐसे में किसी भी उम्मीदवार को उपाध्यक्ष बनने के लिए बहुमत का समर्थन जुटाना जरूरी होगा. इसी कारण संभावित उम्मीदवार अभी से ही पार्षदों के साथ संपर्क बढ़ाने में जुट गये हैं. चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे नगर परिषद की राजनीति भी गर्म होती जा रही है. पार्षदों के बीच छोटे-छोटे समूहों में चर्चा और बैठकों का दौर जारी है. कई पार्षद खुलकर किसी का समर्थन करने से बच रहे हैं, जबकि कुछ पार्षद अपने समर्थकों के साथ रणनीति बनाने में लगे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अंतिम समय तक समीकरण बदल सकते हैं. इस बार आधा दर्जन से अधिक नये पार्षद इस बार नगर निकाय चुनाव में कई नये चेहरे पार्षद के रूप में सामने आये हैं. जानकारी के अनुसार आधा दर्जन से अधिक वार्डों में पहली बार पार्षद चुने गये हैं. ऐसे में नगर परिषद में अनुभव और नये उत्साह का मिश्रण देखने को मिल रहा है. हालांकि कुछ पार्षदों का मानना है कि यदि नये पार्षद उपाध्यक्ष बनते हैं. तो उन्हें परिषद के कामकाज को समझने में थोड़ा समय लग सकता है. नगर परिषद के कार्यों में प्रशासनिक प्रक्रियाएं, योजनाओं का क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय जैसी जिम्मेदारियां शामिल होती हैं. इसलिए अनुभवी पार्षदों को इन कार्यों को संभालने में अपेक्षाकृत आसानी होती है. अनुभवी पार्षदों पर भरोसा जता रहे कुछ सदस्य कुछ पुराने पार्षदों का कहना है कि परिषद के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ऐसे व्यक्ति को उपाध्यक्ष बनाया जाना चाहिए, जिसे नगर परिषद की कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी हो. उनका कहना है कि जो पार्षद पहले भी परिषद में काम कर चुके हैं, उन्हें योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट और प्रशासनिक प्रक्रिया का बेहतर अनुभव होता है. वहीं दूसरी ओर नये पार्षदों के समर्थकों का कहना है कि नये चेहरे नयी सोच और ऊर्जा के साथ परिषद को बेहतर दिशा दे सकते हैं. उनका मानना है कि युवाओं और नये प्रतिनिधियों को भी नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए. इन पार्षदों के नामों की हो रही चर्चा नगर परिषद में चल रही चर्चाओं के अनुसार उपाध्यक्ष पद के लिए कई पार्षदों के नाम सामने आ रहे हैं. इनमें प्रमुख रूप से वार्ड नंबर 14 से तीसरी बार चुनाव जीतने वाली रश्मि सिन्हा, वार्ड नंबर 16 से पहली बार चुनाव जीतने वाले पारस नाथ कश्यप, वार्ड नंबर 18 से मनोज कुमार महतो, वार्ड नंबर 7 से विनोद प्रसाद, वार्ड नंबर 12 से पहली बार निर्वाचित सौरभ सिंह उर्फ राजा सिंह और वार्ड नंबर 16 से पहली बार निर्वाचित अनीता प्रसाद का नाम शामिल है. हालांकि अब तक किसी भी पार्षद ने औपचारिक रूप से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की है, लेकिन अंदरखाने समर्थन जुटाने का दौर तेज हो गया है. कई पार्षद फिलहाल अपने पत्ते खोलने से बच रहे हैं और सही समय का इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में 17 मार्च को होने वाला उपाध्यक्ष का चुनाव काफी रोचक होने की संभावना है.
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