झारखंड सरकार शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में अधिक धनराशि आवंटित करे

झारखंड सरकार शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में अधिक धनराशि आवंटित करे
झारखंड सरकार का बजट तीन मार्च को प्रस्तुत होने वाला है. इसे लेकर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की उम्मीदें बढ़ गयी हैं. इसी क्रम में प्रभात खबर ने गढ़वा जिला मुख्यालय में शिक्षाविदों के साथ एक परिचर्चा का आयोजन किया. इसमें मांग की गयी कि झारखंड सरकार अपने बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए अधिक धनराशि आवंटित करे और जमीनी स्तर पर बदलाव लाये. सभी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इन बिंदुओं पर ध्यान देती है, तो राज्य के शिक्षा स्तर में सुधार होगा और भविष्य में झारखंड के छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम रोशन कर सकेंगे.
संविदा पर कार्यरत शिक्षकों को स्थायी करे सरकार : अलख नाथ पांडेयशिक्षाविद अलखनाथ पांडेय ने कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जाना चाहिए. ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार की जरूरत है. खासकर शौचालय, पीने का पानी, पुस्तकालय और खेल के मैदान जैसी आवश्यक सुविधाएं सभी स्कूलों में सुनिश्चित की जानी चाहिए. इसके अलावा, शिक्षकों की भर्ती बढ़ाने और संविदा शिक्षकों को स्थायी करने की भी मांग उन्होंने की.
ग्रामीण इलाकों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिले : एसएन पाठकशिक्षाविद एसएन पाठक ने कहा कि झारखंड के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है. स्मार्ट क्लासरूम, इंटरनेट कनेक्टिविटी और ई-लर्निंग सामग्री हर स्कूल में उपलब्ध होनी चाहिए. इसके लिए बजट में विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में भी छात्र आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जुड़ सकें.
उच्च शिक्षा के लिए अधिक धनराशि आवंटित हो : प्रो कमलेश सिन्हा
व्याख्याता कमलेश कुमार सिन्हा ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अधिक धनराशि आवंटित करने की जरूरत है. इसका प्रावधान बजट में होना चाहिए.. राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार को बजट में प्रावधान करना चाहिए. इससे झारखंड के छात्र वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा में शामिल हो सकेंगे. उन्होंने कॉलेजों में बेहतर प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की.सभी स्कूलों में पुस्तकालय व विज्ञान प्रयोगशाला खुले : मदन प्रसाद केसरी
शिक्षाविद मदन प्रसाद केसरी ने कहा कि ग्रामीण स्कूलों में पुस्तकालय और विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना होनी चाहिए. उन्होंने विज्ञान और गणित की शिक्षा को और अधिक सुलभ और रुचिकर बनाने के लिए बजट में अलग से प्रावधान करने की मांग की. कहा कि वर्तमान परिवेश में शिक्षा पर सरकार को फोकस करने की जरूरत है और बजट में इसका प्रावधान होना जरूरी है. तकनीकी शिक्षा संस्थानों को बढ़ावा देने की जरूररत : अशोक विश्वकर्मा वरिष्ठ शिक्षक अशोक विश्वकर्मा ने व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार को इस बार के बजट में आइटीआइ, पॉलिटेक्निक और अन्य तकनीकी शिक्षा संस्थानों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लानी चाहिए. इससे युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा का दायरा बढ़ाने और रोजगारोन्मुुखी शिक्षा मुहैया कराने की बात कही.शिक्षकों के लिए नियमित कार्यशाला आयोजित हो: चंद्रभूषण सिन्हा
चंद्रभूषण सिन्हा ने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षकों के लिए नियमित कार्यशालाओं और अपस्किलिंग प्रोग्राम्स का आयोजन किया जाना चाहिए, जिससे वे नयी शिक्षण विधियों से परिचित हो सकें और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकें.सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार हो : उत्कर्ष पाठक
युवा शिक्षक उत्कर्ष पाठक ने कहा कि झारखंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अभी भी एक चुनौती बनी हुई है. बजट में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के लिए ठोस योजनाएं बनायी जानी चाहिए. खासकर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार, शिक्षकों की भर्ती और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है. राज्य सरकार को चाहिए कि बजट में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान करे. लड़कियों के लिए विशेष अनुदान की घोषणा हो : सुनीता पटेलशिक्षिका सुनीता पटेल ने बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की मांग की. कहा कि सरकार को छात्रवृत्ति योजनाओं और लड़कियों के लिए अलग से विशेष अनुदान की घोषणा करनी चाहिए. ग्रामीण क्षेत्रों में कई लड़कियां अब भी शिक्षा से वंचित हैं, इसलिए उनके लिए मुफ्त शिक्षा व स्कूल जाने के लिए बेहतर परिवहन और सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी.
दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूलों में सुविधाएं बढ़े : अनुपमा प्रसादशिक्षिका अनुपमा प्रसाद ने कहा कि बजट में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि दिव्यांग और विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए स्कूलों में सुविधाएं बढ़ायी जानी चाहिए. शिक्षकों को इन बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाये, ताकि वे सही तरीके से उनकी मदद कर सकें.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था का हो प्रावधान: मकसूद आलमशिक्षक मकसूद आलम ने कहा कि राज्य में शिक्षा का स्तर सुधारने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए बजट मेें ठोस प्रावधान होना चाहिए. उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा का स्तर बढ़ाने और रोजगार सृजन पर ध्यान देना होगा. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए भी बजट में प्रावधान होना चाहिए.
हर सरकारी स्कूल में हो स्मार्ट क्लासरूम : सुनीता विश्वकर्माशिक्षिका सुनीता विश्वकर्मा ने बजट में शिक्षा में तकनीकी साधनों के महत्व को बढ़ावा देने की बात कही. कहा कि हर सरकारी स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम, प्रोजेक्टर और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि बच्चे डिजिटल युग की शिक्षा से जुड़ सकें.
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By Prabhat Khabar News Desk
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